जैविक तरीके से करें मुर्गी पालन, कम लागत में ज्यादा मुनाफा समस्तीपुर : किसानों को जैविक तरीकों से मुर्गी पालन करना चाहिए, इससे किसानों को कई तरह के फायदे होंगे। उपरोक्त बातें कही किसान सलाहकार बैठक को संबोधित करते हुए कृषि समन्वयक वक्ताओं ने। उन्होंने कहा कि आज के समय में खेती के साथ-साथ कई ऐसे उद्योग धंधे विकसित हुए हैं, जिससे किसानों की आजीविका के माध्यम लगातार बढ़े हैं। पोल्ट्री फार्म खोलने को लेकर उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन भी एक ऐसा व्यवसाय है जो लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हो रहा है। इस व्यवसाय के माध्यम से लोगों की माली हालत में सुधार हुआ है। ऐसे में अगर किसान जैविक तरीके से मुर्गी पालन करें तो उन्हें अच्छा मुनाफा प्राप्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक या जैविक तरीके से मुर्गी पालन करने से ज्यादा दाम मिलते हैं, क्योंकि लोगों के बीच जैविक चीजों की डिमांड ज्यादा है। इसके लिए जरूरी है कि मुर्गे मुर्गियों को प्राकृतिक अवस्था में रखा जाए और उन्हें वही दाना और चारा खिलाया जाए जो बिना किसी पेस्टिसाइड या बिना किसी केमिकल के प्राकृतिक तरीके से उगाया गया हो। उन्होंने कहा कि मुर्गी-मुर्गियों के खानों में बरसीम, मोरिंगा, गेंदा जैसे पौधों को शामिल करना चाहिए और ऐसे अनाज खिलाने चाहिए जो प्राकृतिक तरीकों से उगाया गया हो या प्राप्त हुआ हो। उन्होंने कहा कि बहुत ही कम लागत में इस व्यवसाय को किया जा सकता है।