केंद्र सरकार के नए श्रम कानून और कृषि कानून के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियन द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल के आलोक में आज समस्तीपुर में भी राजद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर विरोध-प्रदर्शन किया तथा जनविरोधी श्रम कानून के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। आज गुरुवार को कर्पूरी आश्रम स्थित जिला राजद कार्यालय से एक जुलुस निकल कर स्टेडियम गोलम्बर के पास पहुंचा, तदुपरांत राजद कार्यकर्ता ने सड़को पर बैठ कर धरना दिया। फलतः समस्तीपुर-मुसरीघरारी पथ सुबह 10.30 बजे से दोपहर 02.30 बजे तक लगभग 04 घंटे तक जाम रहा। नेतृत्व व अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सहनी ने की। मौके पर आयोजित सभा की अध्यक्षता करते हुए राजद जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सहनी ने कहा कि औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक में सरकार ने हड़ताल पर जाने के मजदूरों के अधिकारों पर अत्याधिक बंदिश लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नियुक्ति एवं छंटनी संबंधी नियम लागू करने के लिए न्यूनतम मजदूरों की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर दिया गया है, जिसके चलते ये प्रबल संभावना जताई जा रही है नियोक्ता इसका फायदा उठाकर बिना सरकारी मंजूरी के ज्यादा मजदूरों को तत्काल निकाल सकेंगे। उन्होंने कहा कि ‘इन कानूनों के चलते 74 फीसदी से अधिक औद्योगिक श्रमिक और 70 फीसदी औद्योगिक प्रतिष्ठान ‘हायर एंड फायर’ व्यवस्था में ढकेल दिए जाएंगे, जहां उन्हें अपने मालिक के रहम पर जीना पड़ेगा।’ राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि श्रम सुधार के नाम पर लाए गए तीनों कानून श्रमिक विरोधी व जनविरोधी है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। मौके पर राजद जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सहनी, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद कुमार राय, नगर परिषद् के सभापति तारकेश्वरनाथ गुप्ता, जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर, कार्यालय सचिव रोशन यादव, राजद प्रदेश सचिव नन्द किशोर महतो, राजद प्रखंड अध्यक्ष उमेश प्रसाद यादव, राजद अनु. जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सत्यविंद पासवान, जिला राजद महासचिव रामविनोद पासवान, दिनेश्वर राय, हरिश्चंद्र राय, राजेश्वर महतो, मनोज कुमार राय, राकेश कुमार राय, शत्रुध्न यादव, गुंजन देवी, मो. जाबिर, मो. अकबर अली, जगदीश राय, राजेन्द्र राम, रविन्द्र कुमार रवि, ज्योतिष महतो, विजय कुशवाहा, जयलाल राय, परमानन्द राय, अश्वनी कुमार राय आदि मौजूद थे।
