जिले में छठ महापर्व को लेकर नदी किनारे, तालाबों पर स्थित घाटों पर आस्था से सराबोर होकर छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं जिला प्रशासन की अपील पर बहुत सारे लोगों ने अपने घरों पर ही छठ पर्व करना मुनासिब समझा। आस्था में सराबोर श्रद्धालु और छठ मैया के गीतों से पूरा आकाश गुंजायमान हो गया। घाटों पर छठी मैया को अर्पित करने को लेकर श्रद्धालु सूप पर फल, ठेकुए, कसार सजाकर पहुंचे। जिसके बाद छठ व्रतियों के द्वारा छठी मैया को संध्या अर्घ्य दिया गया। संध्या अर्घ्य के बाद छठ व्रतियों के द्वारा उगते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया जाएगा और पारण के उपरांत छठ महापर्व का समापन होगा।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।