समस्तीपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, नवनीत उर्फ पिंटू हत्याकांड में नामजद अभियुक्त को किया गिरफ्तार
समस्तीपुर : जिला पार्षद मंजू देवी के पुत्र नवनीत उर्फ पिंटू के हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार 13 नवंबर को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रीतीश कुमार ने बताया कि दिनांक 09.11.20 को तेलिया पोखर नजदीक नवनीत उर्फ पिन्टू पे0 कौलाश प्रसाद सिंह ग्राम बाधी थाना मुफस्सिल जिला समस्तीपुर की हत्या गोली मारकर की गई थी। इस संबंध में मुसरीघरारी थाना में मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में कुल पांच अभियुक्तों को नामजद किया गया था। जिसमें एक नामजद आरोपी सोनेलाल को दिनांक 12.11.20 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। विगत रात्रि में एक अन्य नामजद आरोपी राहुल कुमार पे० विनोद कुमार सिंह ग्रा० बाघी थाना मुफस्सिल जिला समस्तीपुर की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार अभियुक्त से विस्तृत पुछताछ की जा रही है। इस के द्वारा कांड में अपनी भूमिका स्वीकार की गई है। साथ ही पुरे घटनाक्रम का भी खुलासा किया गया है। इसके द्वारा बताया गया है कि दशहरे के समय से ही मृतक को मारने के लिये खोजा जा रहा था। षडयंत्र में शामिल लोग उसके घर पर भी चुके थे। इस पंडयत्र में गिरफ्तार अभियुक्त के पिता विनोद कुमार सिंह भी शामिल हैं। घटना में गिरफ्तार अभियुक्त लाईनर की भूमिका निभाया है। चूंकि उसका किराना दुकान घटनास्थल के सामने है। विगत 15 दिनों से यह मृतक का रेकी कर रहा था। जब भी मृतक इसके दुकान के सामने से गुजरता था तो इसकी सूचना इसके द्वारा अपराधियों को दी जाती थी। घटना के दिन चूंकि मृतक उसके दुकान के सामने स्थित सैलून में दाढ़ी बना रहा था और इसके द्वारा सूचना अपराधियों को दी गई। अधिक समय तक मृतक के घटनास्थल पर रूकने से अपराधी अपने योजना में सफल हुए। घटना में प्राथमिकी के नामजद अभियुक्तो की भूमिका इसके बयान से भी स्पष्ट होती है। साथ ही तीन अन्य अपराधी जो शूटर के तौर पर थे, उनका भी नाम सामने आ चुका है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। घटना के कारण को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के द्वारा जो स्पष्ट किया गया है वह यह है कि मृतक द्वारा कुछ दिन पहले ही अखिलेश सिंह के घर पर तोड़फोड़ की गई थीं। इसके अलावा ताजपुर में भी अखिलेश से मारपीट हुआ था। उसमें आरोपी को आशंका है कि मृतक के लोगो द्वारा ही उसको मारा पीटा गया था। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल अपराधियों का पूर्व में भी अपराधिक इतिहास रहा है। कुछ समय पूर्व मुसरीघरारी थानाक्षेत्र में फिल्पकार्ट कम्पनी का माल सहित वाहन का लूट हुआ था। उस घटना में भी यह गिरोह शामिल था एवं जेल भी भेजा गया था। गिरफ्तार अभियुक्त राहुल कुमार तीन भाई है, जिसमें से रोहित फिल्पकार्ट लूट कांड में जेल में है तथा उसका पिता इस कांड में फरार है। एक अन्य भाई रविरंजन भी जेल में है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
