लगातार बारिश से तैयार फसल बर्बाद, किसान मायूस समस्तीपुर से अशोक कुमार की रिपोर्ट प्रकृति की मार किसान को झेल पाना मुश्किल है।एक ओर किसान जहां बाढ़ से त्रस्त थे।किसान की सारी फसल बाढ़ के पानी में जहां बह गया था।वही बाढ़ के बाद जो थोड़ा बहुत फसल कहीं कहीं बचा था।वह फसल भी जब तैयार हो गया तो किसान के घर पहुंचने से पहले ही हो रही लगातार बारिश से बर्बाद हो गया।बता दे कि घोषणा के बावजूद भी किसान को कोई फसल क्षति की मुआवजा नहीं मिल पा रही है।किसान के धान का फसल खेत में तैयार होने के बाद लगातार मूसलाधार बारिश से सारी पकी फसल बर्बाद हो गया।किसान मायूस है।किसान प्रकृति की मार को सहन करने में असमर्थ हैं।वही किसानों को मदद नहीं मिल पाने से दिनों दिन खेती पर ध्यान देना छोड़ रहे हैं।अब समस्या यह है कि किसान अगर खेती छोड़ दे तो कितनी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।
