हाथरस, यूपी में एक बर्बर गैंग रेप कांड की पीड़िता की कल मौत हो गई। बर्बरता की इंतेहा यह थी कि उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई और जीभ काट दी गई। इसके बावजूद वह बहादुर लड़की इतने दिनों तक संघर्ष करती रही। यूपी में किस तरह का रामराज्य है यह इसी से समझ में आ जाता है कि इतने दिनों तक मामले को दबाने की कोशिश होती रही। पुलिस नें शुरुआत में तो FIR हीं नहीं लिखी। कल जब पीड़िता की मौत हो गई तो पूरे परिवार को अंधेरे में रखकर पीड़िता का रातों रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। बलात्कारियों को बचाने के लिए सबूत जल्दी से जल्दी मिटाए जा रहे हैं। मामला सिर्फ हाथरस का हीं नहीं है। आए दिन ऐसे मामले होते रहते हैं लेकिन हमारी एकजुटता नहीं होने की वजह से हम लोग अकेले लड़ाई लड़ते रहते हैं।देश भर में बहन बेटियों के लिये जीवन जीना मुश्किल हो गया है, उनकी अस्मत लूटी जा रही है, हत्या की जा रही है। ज़्यादातर मामलों में रसूखदार लोग हीं इस तरह के अपराध को अंजाम देते हैं व सरकारी अमला बेशर्मी से अपराधियों के साथ खड़ा होता है। चिन्मयानन्द व कुलदीप सिंह सेंगर वाले मामले कोई कैसे भूल सकता है? यहीं से बाक़ी बलात्कारियों को भी शह मिलती है इस तरह के जघन्य अपराधों को अंजाम देने के लिये।इस बर्बर घटना का प्रतिवाद करते हुए देश भर में तमाम सारे प्रगतिशील और न्यायप्रिय लोग और संगठन सड़कों पर उतर रहे हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।