बाढ़ की त्रासदी और आसमानी आफत से लोग दहशत में आ गए है. कोई सहारा नहीं मिल रहा है लोग बेबस हो निराश होगा गए है. अब सभी लोग हारकर आने वाले आफत को स्वीकार करने के लिए मूकबधिर हो गए है.
बाढ़ की त्रासदी और आसमानी आफत से लोग दहशत में आ गए है. कोई सहारा नहीं मिल रहा है लोग बेबस हो निराश होगा गए है. अब सभी लोग हारकर आने वाले आफत को स्वीकार करने के लिए मूकबधिर हो गए है.