समस्तीपुर जिले में डॉ राजेंद्र कृषि केंद्रीय विश्वविद्यालय पूसा ने सामाजिक संस्था युवा सौर्य के साथ मिलकर प्रवासी मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक विशेष पहल की है जिस पर बात करते हुए विश्वविद्यालय में कार्यरत अखिल भारतीय समन्वित मशरूम अनुसंधान परियोजना के परियोजना निदेशक डॉ दयाराम ने बताया कि मशरूम उत्पादन में प्रवासी मजदूरों के सहयोग की इस परियोजना के अंतर्गत ऐसे सभी प्रवासी मजदूर को मार्च 2021 तक विश्वविद्यालय एवं युवा सौर्य की मदद से प्रशिक्षण दिया जाएगा साथ ही मशरूम उत्पादन में लगातार सहयोग किया जाएगा तथा उनके उत्पादन को युवा सौर्य की मदद से बाजार तक भी पहुंचाया जाएगा यह एक ऐसा तरीका हो सकता है आत्मनिर्भर होने का जिसमें जमीन रहित खेती होगी और इस परियोजना के प्राथमिक उद्देश्य की बात करेंतो मशरूम उत्पादन से सर्वप्रथम प्रवासी मजदूरों के खाने की थाली में एक पौष्टिक आहार जो कि उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर है उन्हें उपलब्ध होगा साथ ही परियोजना के अनुसार मशरूम उत्पादन से उन्हें कम से कम ₹10000 प्रति माह की आमदनी सुनिश्चित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा ऐसे जो भी प्रवासी मजदूर जो मशरूम उत्पादन योजना से जुड़ कर अपने आप को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं वह युवा सौर्य या विश्वविद्यालय स्थित मशरूम विभाग से संपर्क कर या मोबाइल वाणी पर भी अपना संदेश रिकॉर्ड कर ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। तो साथियों अब देर किस बात की अगर आप प्रवासी मजदूर हैं और मशरूम उत्पादन कर स्वाबलंबन की राह पर चलना चाहते हैं तो मोबाइल वाणी सुनते वक्त नंबर 3 दबाकर अपनी बात रिकॉर्ड करें और प्रशिक्षण में भाग ले।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।