भाकपा माले के जिला कमिटी सदस्य सह अंचल सचिव रामचंद्र प्रधान एवं सामाजिक कार्यकर्ता नजरे आलम सिद्धीकी की टीम पानी में हेलकर सैकड़ों लोगों से मिलकर पुनर्वास एवं सरकारी राहत कार्य का जायजा रविवार को लिया. इस दौड़ान राहत सामग्री की मांग पर बाढ़ पीड़ितों द्वारा सड़क जाम स्थल पर जाकर बातचीत भी किया. इस दौड़ान बड़ी संख्या में लोगों ने उनसे मिलकर पीड़ा की इस घड़ी में अपना दुख-दर्द साझा किया. नेताद्वय ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों में बाढ़ की स्थिति जानलेवा होती जा रही है. क्षेत्र में नदियों का जलस्तर दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का राहत सामग्री,स्वास्थ्य कैंप, जीवन रक्षक दवाई, पशु चारा, गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य कैंप, विस्थापित परिवारों को सूखा भोजन, रैन बसेरा, प्रभावित स्थानों से मुख्य सड़क तक आने के लिए नाव, नाविक की बहाली, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था आदि अभी तक नहीं की गई है. इस कारण लोगों का जीवन-लीला बाढ़ की विभीषिका को झेलते हुए समाप्त होती दिख रही है.उन्होंने कहा कि एक तो कोरोना वायरस संक्रमण से संघर्ष करने में क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं. ऊपर से प्रकृति द्वारा बाढ़ की विभीषिका को झेलने को मजबूर हैं. नेताद्वय ने राज्य सरकार पर घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि प्रखंड क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्रों में समता मूलक अधिकार से वंचित आम लोगों की जीवन बचाने में सरकार विफल रही है. यदि बाढ़ से परेशान लोगों को उचित एवं आवश्यक व्यवस्था पूरी नहीं की जाती है तो लोग आंदोलन करने पर विवश होंगे. माले नेता ने तुरत जिला से लेकर प्रखंड एवं पंचायत अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाकर बाढ़ से बचाव एवं राहत चलाने की मांग पर यथाशीघ्र निर्णय लेने की मांग प्रशासन से की। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।
