14 जुलाई 2020 अररिया जिला के महिला थाना कांड संख्या 61/20 की चर्चा देश स्तर पर सुनाई दे रही है. इस मामले में रेप के आरोपी के बदले खुद रेप पीड़िता, एवं रेप पीड़िता को न्याय दिलाने को लेकर संघर्षरत एनजीओ जागरण शक्ति संगठन के अध्यक्ष कल्याणी बरौला एवं तनमय निवेदिता ऊर्फ तनवी नायक को ही जेल भेज दिया गया. कोरोना काल में महिला जेल बनाए जाने के कारण इन्हें समस्तीपुर के दलसिंहसराय उपकारा कोनैला में भेजा गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए भाकपा माले के मिथिलांचल प्रभारी सह पोलिट ब्यूरो सदस्य का० धीरेन्द्र झा के निर्देश पर जिला कमिटी के नेतृत्व में बने जांच दल के तीन सदस्यों को काफी प्रयास के बाद बंदी से मिलकर घटना के बारे में जानकारी प्राप्त किया. इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने बताया कि अररिया जिला के महिला थाना में रेप पीड़िता ने 59/20 मुकदमा दर्ज कराकर रेप के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी. पीडिता अररिया व्यवहार न्यायालय में प्रथम श्रेणी के दण्डाधिकारी मुस्तफा शाही के कोर्ट में 164 का व्यान देने पहुंची थी. मानसिक तौर पर परेशान पीड़िता अपने व्यान और कलमवद्ध व्यान में अंतर पाने के कारण हस्ताक्षर नहीं की. इस दौरान पीड़िता द्वारा उसके साथ आये एनजीओ जन जागरण शक्ति संगठन के कल्याणी बरौला एवं तनमय निवेदिता ऊर्फ तनवी नायर को बुलाकर हस्ताक्षर करने को कहा गया. व्यान में अंतर होने पर दण्डाधिकारी से पूछने को दण्डाधिकारी द्वारा सम्मान का विषय बनाकर तीनों को गिरफ्तार करने का आदेश के मद्देनजर उन्हें गिरफ्तार कर अररिया से करीब 250 किलोमीटर दूर समस्तीपुर के दलसिंहसराय उपकारा में भेज दिया गया. भाकपा माले उजियारपुर प्रखण्ड सचिव महावीर पोद्दार ने कहा कि सामान्य परिवार के बंदी को लंबी दूरी होने के कारण कागजी कारबाई पूरी करने में भी काफी कठिनाई हो रही है. जांच टीम के बतौर सदस्य सह चेतना सामाजिक संगठन के अध्यक्ष डा० मिथिलेश कुमार ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने हेतु संघर्ष कर रहे एनजीओ के सदस्य एवं स्वयं पीड़िता को जेल भेजना गंभीर मामला है. इसे लोकायुक्त, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग को लिखा जाएगा. भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने इसे गंभीर घटना बताते हुए माले राज्य कमिटी एवं महिला संगठन ऐपवा राज्य कार्यालय जांच रिपोर्ट भेजकर आंदोलन चलाएगी. मौके पर एनजीओ कर्मी आशिष रंजन, कमयानी, माले के सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, अभिषेक कुमार, अधिवक्ता ब्रजकिशोर सिंह चौहान आदि उपस्थित थे.