मनरेगा के तहत पशु शेड बनवाना खेल नहीं है।गंगसारा पंचायत केअहमद पुर गाँव में गरीब पशु पालक किसान अपने पशु कोशेफ रखने के लिये पशु शेड बनवाना तो चाहते है पर स्थानीय जन प्रतिनीधि ,रोजगार सेवक ,मनरेगा के पी. ओ.साहेब का कहना होता है कि पहले अपना पूँजी लगाकर बनाना पड़ता है तब शेड का राशि कई किश्तों में मिलेगा।वो भी काई तरह का कमीशन काटकर। भला एसी परिस्थिति में गरीब ,दलित पशु पालक भाई अपने जीवन के आधार मानने वाले पशु को कैसे शेफ रख सकते है। इस बात की जानकारी सराय रंजन के प्रखंड विकास पधदाधिकारी गंगा सागर सिंसको भी Whatsaap के माध्यम से दी गिई है।इस आशा के साथ कि गरीब, दलित वर्ग को भी पशु शेड का लाभ मिल सके। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।