हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
हर हर महादेव के जयकारे से गूंज शिवनगर,
केवटी-दरभंगा। विदाई की बेला में थाना के पुलिस कर्मी भावुक हुए बीना नहीं रह सके। केवटी थाना परिसर में थानाध्यक्ष रानी कुमारी के स्थानांतरण पर थाना परिवार की ओर से सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में नए थानाध्यक्ष पु.नि. अनोज कुमार का स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्थानांतरित थानाध्यक्ष को पाग - चादर व अंग वस्त्र एवं अन्य उपहार भेंट कर सम्मान किया गया और उन्हें विदाई दी गई। वहीं नए थानाध्यक्ष को पाग - चादर व पुष्पमाला भेंट कर उनका स्वागत किया गया। समारोह की अध्यक्षता नए थानाध्यक्ष पु.नि.ने की। इस अवसर पर पूर्व थानाध्यक्ष ने भावुक होते हुए कहा कि सरकारी कर्मियों के लिए स्थानांतरण एक अनवरत प्रक्रिया है। लेकिन थाना के पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मियों के साथ - साथ जनप्रतिनिधियों का जो प्यार व सम्मान एवं सहयोग मिला ,उसे कभी भूल नही सकता , जहां भी रहेंगे केवटी की याद रहेगी । समारोह में पूर्व जिपस मो.अखलाक अंसारी , मुखिया रूबी कुमारी , संजू देवी, रामचन्द्र राय , रामचन्द्र साह, संतोष कुमार साहु , मो.इकबाल अंसारी , मनोज कुमार गुप्ता ,निक्की कुमार गुप्ता ,रवि यादव,विनोद पासवान , विक्रांत प्रताप साहु, विजय कुमार झा, सियाराम यादव ,रामनंदन ठाकुर ,अवधेश कुमार , सतीश यादव आदि के अलावा थाना के पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मी सहित अन्य कई मौजूद थे।
सुनिए एक प्यारी-सी लोरी। हमारे देश के अलग-अलग राज्यों में कई भाषाओं की लोरियां गाई जाती है। इनकी मदद से आप अपने बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास को बेहतर कर सकते है।आज की लोरी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये लोरी सुनी? क्या आपके पास भी कोई प्यारी-सी लोरी है? तो अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड करें, फ़ोन का नंबर 3 बटन दबाकर।
आज की कड़ी में हम सुनेंगे की सोशल मीडिया के द्वारा कैसे हमारी जानकारीयां कहीं और भी जा रही होती है
आप सभी ने बूथ कैप्चरिंग के बारे में तो सुना ही होगा, हो सकता है किसी ने देखा भी हो। मोटा-मोटी कहा जाए तो हर कोई जानता है कि बूथ कैप्चरिंग क्या होती है और कैसे होती है। इसको और बेहतर तरीके से समझना हो तो इस तरह से भी देखा जा सकता है कि भारत में होने वाले सभी प्रकार के चुनावों में पंचायत से लेकर संसद तक के चुनाव में सुरक्षा बल एक अनिवार्य जरूरत हैं। सुरक्षा बलों के बिना निष्पक्ष चुनावों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। पिछले 75 सालों में इस एक मसले पर कुछ भी नहीं बदला है। यह हाल तब है जब पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा बलों को देख कर डरने की प्रवत्ति आम है। ऐसे में कहना कि चुनाव निष्पक्ष होते हैं एक क्रुर मजाक से ज्यादा कुछ नहीं।
21 फरवरी को पीजी बॉटनी विभाग में होगा मुख्य समारोह, जबकि 20 फरवरी को पीजी संस्कृत विभाग में होंगे क्विज एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताएं दरभंगा । ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में आगामी 21 फरवरी को आयोजित होने वाले "अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस समारोह- 2024" की तैयारी के उद्देश्य से मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो ए के बच्चन की अध्यक्षता में आयोजन समिति की विश्वविद्यालय मैथिली विभाग में बैठक हुई, जिसमें हिन्दी के वरीय प्राध्यापक प्रो चंद्रभानु प्रसाद सिंह, मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो दमन कुमार झा, हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो उमेश कुमार, संस्कृत विभागाध्यक्ष डा घनश्याम महतो, उर्दू विभागाध्यक्ष डा गुलाम सरवर, मैथिली के वरीय प्राध्यापक प्रो अशोक कुमार मेहता, संस्कृत के प्राध्यापक डा आर एन चौरसिया तथा मैथिली के प्राध्यापक डा सुरेश पासवान एवं डा सुनीता कुमारी आदि उपस्थित थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग में "अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की प्रासंगिकता" विषय पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें हिन्दी, मैथिली, संस्कृत तथा उर्दू के एक- एक कवि या कवयित्री अपनी प्रस्तुति देंगे। मुख्य समारोह के कार्यक्रम प्रभारी विश्वविद्यालय पेंशन पदाधिकारी डा सुरेश पासवान होंगे। वहीं अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की पूर्व संध्या पर 20 फरवरी को विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग में 'क्विज प्रतियोगिता' तथा 'छात्र- छात्राओं का काव्य पाठ प्रतियोगिता' आयोजित की जाएगी। क्विज प्रतियोगिता के प्रभारी डा आर एन चौरसिया तथा काव्य पाठ प्रतियोगिता के प्रभारी प्रो उमेश कुमार बनाए गए। काव्य पाठ प्रतियोगिता हिन्दी, मैथिली, संस्कृत तथा उर्दू भाषा में होंगी, जबकि क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हिन्दी भाषा में होगा। काव्य पाठ प्रतियोगिता में भाषावार प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे, जबकि क्विज प्रतियोगिता में समेकित रूप से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र मुख्य समारोह में दिनांक 21 फरवरी को दिया जाएगा। समारोह के संयोजक प्रो ए के बच्चन ने बताया कि मुख्य समारोह के उद्घाटन हेतु कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी से आग्रह किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वित्तीय परामर्श तथा कुलसचिव उपस्थित होंगे। उन्होंने बताया कि छात्र- छात्राओं के बीच अपनी मातृभाषा के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से ही अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की पूर्व संध्या पर 20 फरवरी, 2024 को क्विज तथा काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में उपस्थित प्राध्यापकों का स्वागत प्रो ए के बच्चन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो दमन कुमार झा ने किया।
