सिंहवाङा - दरभंगा । हज को लेकर हाजियों के काफिले का जत्था निकलना शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने हज यात्रियों से मुलाकात कर हाजियों को हज की यह पवित्र यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। हज की पवित्र यात्रा कम से कम एक बार जीवन में सभी को जरुर करनी चाहिए।यह कोई आम जगह नहीं है। सबसे खास और पवित्र स्थल है।किस्मत के जो लोग धनी होते हैं , उन्हें ही मक्का-मदीना जाने का एक सुनहरा मौका मिलता है। जीवन में यह एक खास मौका किस्मत वालों को मिलता है।हाजियों की टोली को क्षेत्र के बहुआरा बुजुर्ग गांव में शुक्रवार को विदाई देने के लिए बङी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा देखने को मिला। हज को जाने वाले हज यात्रियों के बीच भी इस पवित्र यात्रा को लेकर उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों के आंखो से खुशी के इस क्षणों में विदाई देते समय आंसू छलक पङे और उपस्थित लोग भावुक हो गए। यह खास मौके पर सभी ग्रामीणों ने इसमें शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए शेल्फी विडियो बनाकर इसे यादगार बनाया। बङी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी देखने को मिली। बहुआरा बुजुर्ग निवासी स्वर्गीय मो० ग्यासुद्दीन के पुत्र हाफिज अशफाक सिद्दीकी ( उम्र 48) अपनी पत्नी असगरी खातून ( उम्र 42 ) के साथ हज के लिए शुक्रवार को रवाना हुए। वहीं बहुआरा बुजुर्ग के स्वर्गीय अब्दुल रहमान के पुत्र अनामुल हक ( उम्र 67 ) अपनी पत्नी हुस्न बानो (उम्र 66 ) सहित कुल चार लोग इस पवित्र यात्रा पर अपने घर से विदा हुए। मौके पर ग्रामीण मो० इफ्तेखार उर्फ सच्चू , मो० अतहरुल हक , कारी मो० नेमतुल्लाह रजवी , लाल बाबू , मो० अफरोज आदि मौजूद रहे।
साल 2013-2017 के बीच विश्व में लिंग चयन के कारण 142 मिलियन लड़कियां गायब हुई जिनमें से लगभग 4.6 करोड़ लड़कियां भारत में लापता हैं। भारत में पांच साल से कम उम्र की हर नौ में से एक लड़की की मृत्यु होती है जो कि सबसे ज्यादा है। इस रिपोर्ट में एक अध्ययन को आधार बनाते हुए भारत के संदर्भ में यह जानकारी दी गई कि प्रति 1000 लड़कियों पर 13.5 प्रति लड़कियों की मौत प्रसव से पहले ही हो गई। इस रिपोर्ट में प्रकाशित किए गए सभी आंकड़े तो इस बात का प्रमाण है कि नई-नई तकनीकें, तकनीकों में उन्नति और देश की प्रति व्यक्ति आय भी सामाजिक हालातों को नहीं सुधार पा रही हैं । लड़कियों के गायब होने की संख्या, जन्म से पहले उनकी मृत्यु भी कन्या भ्रूण हत्या के साफ संकेत दे रही है। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- आखिर हमारा समाज महिला के जन्म को क्यों नहीं स्वीकार पाता है ? *----- शिक्षित और विकसित होने के बाद भी भ्रूण हत्या क्यों हो रही है ? *----- और इस लोकसभा चुनाव में महिलाओ से जुड़े मुद्दे , क्या आपके लिए मुद्दा बन सकता है ??
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग के बारे में।
बिहार राज्य के दरभंगा जिला के हनुमाननगर से टुन टुन राम मोबाइल के माध्यम से मनरेगा में होने वाले गड़बड़ी के बारे में बता रहे है
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो रेल मंत्रालय द्वारा निकाली गयी सब इंस्पेक्टर के 452 पदों पर कार्य करने के लिए इच्छुक है ।इन पदों पर वेतनमान 35400/.रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इन पदों के लिए वैसे उम्मीदवार आवेदन कर सकते है, जिन्होंने किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त किया हो । इन पदों पर आवेदन करने के लिए आयु सीमा 20-28 वर्ष रखी गई है। साथ ही आवेदनकर्ताओं का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षण , शारीरिक दक्षता परीक्षण और शारीरिक माप परीक्षण तथा दस्तावेज़ सत्यापन पर आधारित होगा।अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट पर जा सकते हैं वेबसाइट है www.rpf.indianrailways.gov.in .याद रखिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 मई 2024 रखी गयी है। धन्यवाद !धन्यवाद !धन्यवाद !धन्यवाद !
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा किसानों को आम की फसल में गमोसिस रोग नियंत्रण हेतु जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ अशोक झा प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दे रहे हैं।विभिन्न कृषि पद्धति अपनाकर अलग अलग फसलों को बिना रसायन के उपजाया जा सकता है और उपज भी अच्छी होती है, इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
आज जब लोग कई प्रकार की परेशानी और ,तनाव से गुजर रहे है ,तो ऐसे में हँसने हँसाने का कोई एक ज़रिया की ज़रुरत बहुत महसूस होती है। हँसी मन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।विश्व भर में मई महीने के पहले रविवार को विश्व हास्य दिवस मनाया जाता है।दोस्तों ,हंसता हुआ चेहरा आपकी शान बढ़ाता है और हंसकर किया हुआ काम आपकी पहचान बढ़ाता है.ऐसे में इस दिन अकेले-अकेले नहीं बल्कि दोस्तों के साथ हंसे. हर काम हंसी-हंसी करने से जिंदगी तो अच्छी लगने ही लगती है, साथ ही कई बीमारियां भी अपने आप छू-मंतर हो जाती हैं. आप सभी को विश्व हास्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
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