झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि विश्व के अधिकांश देशों में प्रमुख सत्ता संरचनाएं, कानून, रीति रिवाज और सांस्कृतिक मापदंड महिलाओं को भूमि पर समान अधिकार से वंचित करते हैं। स्थानीय राष्ट्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में में अपिहार भूमिका निभाने के बावजूद विश्व भर में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली पंद्रह प्रतिशत से भी कम महिलाओं को भूमि समबंधी सुरक्षित अधिकार प्राप्त हैं।लैंगिक असमानता हर किसी को प्रभावित करती हैं। जब महिलाओं को सुरक्षा और अपनी भूमि पर नियंत्रण मिलता है तो शिक्षा तक पहुंच बढ़ती है। यवा की आयु बढ़ती है, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है,आय बढ़ती है ,गरीबी का चक्र टूटता है और घर और समुदाय के भीतर सत्ता में स्थाायी बदलाव आता है और जब परिवार और समुदाय स्तर पर इन परिणामों में सुधार होता है तो यह जलवायु परिवर्तन ,खाद सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ जैसे वैश्विक गहरे लैंगिक मुद्दे पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
