बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान की चौथी कड़ी में यह बताया गया कि समाज से बाल विवाह की रीती को ख़त्म करने के लिए सरकार कई सारी कानून बनाई है। पर कई बार लोगों तक इसकी सम्पूर्ण जानकारियां ना होने की वजह से लोग इसका लाभ नहीं उठा पातें हैं।इसी विषय पर स्वयं सेवी संस्थान प्लान इंडिया के कार्यक्रम समन्वयक राजीव सिन्हा जी ने बताया कि हमारे देश में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 नामक कानून बनाई गई है।और साथ ही इसी अधिनियम के आधार पर झारखंड सरकार के नियमावली भी है जिसे झारखण्ड बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2015 कहा जाता है ये दोनों झारखण्ड में बाल विवाह को रोकने के लिए बनाई गई है।बाल विवाह में दण्ड का भी प्रवधान है।