बाल विवाह मुक्त झारखण्ड अभियान की पहली कड़ी में यह बताया गया कि बाल संरक्षण का मलतब बच्चों को हिंसा, बुरे विचार,शारीरिक,मानसिक या किसी तरह के शोषण और बेइज्जती से बचाना। इनसे प्रभावित बच्चों को सहारा और मद्दद प्रदान करना भी बाल संरक्षण का एक हिस्सा होता है. इस कार्य के लिए कई सारे आसरे गृह भी मौजूद हैं।सयुंक्त राष्ट्र के बाल संरक्षण अधिवेशन के मुताबिक 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों की गिनती बच्चो में की जाती है। समाज में कई तरीकों से बच्चों के साथ शोषण किया जाता है जैसे- बाल मजदूरी जंहा लोग बच्चो से इस लिए काम करवाते हैं क्योकि बच्चों को कम मजदूरी देना पड़ता है।साथ ही कानून एक्ट की भी जानकारी दी गई। बच्चों की सुरक्षा संबंधित कई सारी जानकारियों के बारे में बताया गया। दोस्तों क्या आपको भी लगता है की बाल विवाह एक हिंसा है। अगर हाँ तो क्यों और यदि ना तो क्यों नहीं।
