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जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड से, विजय कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि पिता की संपत्ति में बेटे के साथ-साथ बेटी को भी बराबरी का अधिकार है, पिता की संपत्ति में बेटी को भी बेटे के बराबर अधिकार दिया जाना चाहिए। जिस तरह बेटा अपने पिता के काम में सहायता करता है, ठीक उसी प्रकार बेटियाँ भी अपना पिता के काम में साथ दे रही है। पहले लोग बेटियों को पिता की संपत्ति में अधिकार नहीं देते थे लेकिन आज एक से एक उदहारण देखने और सुनने को मिल रहा हैं। कल्पना चावला, पीवी सिंधु, साइना नेहवाल जैसे कई बेटियाँ आज गांव के साथ-साथ हमारे देश के नाम को भी रोशन कर रही है। आज बेटियाँ अपने माता-पिता के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है। आज बेटियां ही माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा है। एक माता-पिता के लिए बेटा व बेटी दोनों ही समान है, इसलिए बेटियों को पिता की संपत्ति में पूरा हक है। दोस्तों इनकी तरह कोई जानकारी या किसी विषय पर अपना विचार मोबाइल वाणी के साथ बाँटना चाहते हैं ,तो मिस्ड कॉल जरूर करें निःशुल्क नंबर 08800984861 पर।
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हमारे समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर समान अधिकार प्राप्त हो सके इस उद्देश्य से भारत सरकार ने विभिन्न कानूनों का प्रावधान किया है। जिसमे महिलाओं को दहेज, घरेलू हिंसा, श्रम में भेदभाव के खिलाफ, सम्पत्ति में हिस्सा, विवाह और तलाक आदि संबंधी कई अधिकार दिए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद भी बड़ी संख्या में आज हमारे समाज में महिलाएं भेदभाव की शिकार होती हैं। दोस्तों, आखिर क्या कारण है कि महिलाओं के पक्ष में कानून होते हुए भी वे कानून का लाभ नहीं उठा पातीं? क्या महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है ? साथ ही एक बात यह भी गौर करने वाली है कि कानून के नज़रों में बेटा और बेटी एक समान होते हैं,पर क्या वास्तव में ये अधिकार बेटों के बराबर बेटियों को मिलता है ? दोस्तों, जब एक बेटी अपनी ससुराल में रहते हुए भी कई बार अपने माता -पिता का जिम्मेदारी उठाती हैं ,तो आखिर वे पिता के सम्पति से अपना हक़ क्यों नहीं मांग सकती ? आखिर क्या वजह है कि हमारे समाज में लोग पिता के सम्पति से बेटियों को हिस्सा देने से कतराते हैं ? श्रोताओं, आप हमे बताएं कि क्या इन क़ानूनी अधिकारों के बारे में महिलाओं को जागरूक किया जाता है ? साथ ही क्या महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी विभिन्न कानूनों को सही पालन हो इसके लिए सरकार और आम नागरिकों की क्या भूमिका होनी चाहिए ?
