असहायों की सुनने वाला कोई नहीं है। कई वर्षों से इनका पेंशन रुका हुआ है। प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटते हुए ये थक चुके हैं। लेकिन इनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
असहायों की सुनने वाला कोई नहीं है। कई वर्षों से इनका पेंशन रुका हुआ है। प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटते हुए ये थक चुके हैं। लेकिन इनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।