मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से रामाशीष जी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि बिजली विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी के लिए बिजली उपभोक्ता कामधेनु बन गया है। कोई जब चाहे जितनी रकम चाहे और जिस ढंग से चाहे उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। इस भ्र्ष्टाचार को देखने वाला कोई नहीं है। चाहे बिजली संयोजन हो,बिजली विपत्र हो या बिजली खम्बा और तार लगाना हो ,हर जगह पैसा अपना करिश्मा दिखा रहा है।बिना पैसे का कोई भी काम इस विभाग में नहीं होता है। स्थिति यह है कि बिजली का खम्बा लगाने वाला संवेदक भी उपभोक्ताओं को धौंस दिखने से बाज नहीं आते।प्रधानमंत्री जी अपने मन की बात तो सुनते हैं परन्तु बिजली उपभोक्ताओं की मन की बात क्यों नहीं सुनते हैं ?