रामाशीष जी मधुबनी खजौली से मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि हमे प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। प्रकृति जीवन दयनीय है और इसी से हमारा अस्तित्व है। प्रकृति ने हमारे सभी जीवन के सभी जरूरतों को पूरा किया है लेकिन हम उसके लिए कुछ नहीं करते। हमने प्रकृति से छिना है ज्यादा और सवारां है कम और अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए प्रकृति का शोषण कर रहे है साथ ही हम आज पेड़-पौधे की तेज़ी से कटाई कर रहे है।