खुटौना प्रखंड से चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि हमारे देश के पत्रकारों और लोकतंत्र की हत्याएं सन 1992 ई से आजतक लगभग 100 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है। इसकी जिम्मेवार सरकार है परंतु पत्रकारों की हुई हत्या पर हत्यारो को सजा मिली न मिली,पत्रकारों के परिवारों को आजतक न्याय नही मिली है और इसकी जिम्मेवार शासन-प्रशासन ही है। इन हत्याओ में पार्टी,नेता, सरकार,एम्.पी , एम्.एल.ए का पूर्णरूपी सहयोग है क्योंकि पत्रकार उनके काले करतूतों को उजागर करते है।
