शिक्षित बेरोजगार चाय बेचने को मजबूर हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता।मतलब चौपाई मानस से है लेकिन मर्म बेरोजगारी से जुड़ा हुआ है शिवहर बेरोजगारी का आलम यह है कि लोग पढ़ लिख कर भी नौकरी पाने की ललक में हमेशा बेचैन रहते हैं ।परिवार की भरण-पोषण को लेकर यत्र तत्र रह कर भी काम करने के लिए प्रयास करते रहते हैं
