हमेशा से ही सरकारी स्कूलों को लेकर धारणा रही है कि वह पुराने तौर तरीकों से चलते हैं। यही वजह है कि कई अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन, ऐसे में हम आपको बताए की एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है, जहां रोबोट पढ़ाता है। वह बच्चों को कविता सुनाता है। खेल-खेल में, मनोरंजन के जरिए जटिल शिक्षा को सरल बना देता है, तो आपको यकीन नहीं होगा। राजनांदगांव ब्लॉक का गवर्नमेंट प्रायमरी इंग्लिश मीडियम स्कूल संसाधनों के मामले में निजी स्कूलों को भी मात दे रहा है। पाठ्यक्रम को रोचक और सरल बनाने के लिए यहां के दो शिक्षकों ने खुद के खर्च पर एक रोबोट तैयार किया है। इससे बच्चे अब खेल-खेल में पढ़ाई करते हैं।बच्चों में पढ़ाई के प्रति ललक पैदा करने के लिए यह नवाचार स्कूल के शिक्षक उर्वशी ठाकुर और अनीश कुरैशी ने किया है।रोजाना कक्षा की शुरुआत रोबोट के सुनाई कविता से ही होती है, जिस पर सभी बच्चे झूमते हैं। इस तरह पढ़ाई के प्रति उनका मन पहले ही बन जाता है। शिक्षक की बगल में दो फीट ऊंचा रोबोट भी टेबल पर शोभा बढ़ाते रहता है। इतना ही नहीं, वह सिलेबस के अनुरूप बच्चों को पढ़ाता है। बच्चे किसी प्रकार का सवाल करते हैं तो शिक्षक उनकी शंकाओं का समाधान कर देते हैं। शिक्षक कहते हैं कि हर बच्चा पढ़ना चाहता है, बशर्ते पढ़ाई बोरियत न होकर रोचक हो। हमने यही कोशिश की और इसका सुपरिणाम भी मिल रहा है। शिक्षकों ने स्कूल में लाइब्रेरी भी शुरू की है। इसमें ज्यादातर तस्वीरों के जरिए शिक्षा देने वाली पुस्तकें रखी गई है। शिक्षकों का मानना है कि तस्वीरें जल्दी जेहन में बैठती हैं। इनके जरिए फलों, सब्जियों, जानवरों आदि के नाम याद रखना आसान होता है। साथ ही बड़े बच्चों के लिए स्पोकन इंग्लिश, जनरल नॉलेज की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। वक्त के साथ बच्चों में लाइब्रेरी में प्रति रुचि बढ़ती जा रही है। वे इसका महत्व समझने लगे हैं। जब भी वक्त मिलता है, सीधे लाइब्रेरी पहुंच जाते हैं। खेलकूद से जुड़ी चीजें भी शिक्षकों ने अपने खर्च से खरीदा है। आउटडोर गेम बैंडमिटन, फुटबॉल, क्रिकेट के साथ ही इंडोर गेम के लिए सांप सीढ़ी, लूडो, कैरम आदि की व्यवस्था भी उन्होंने की है। जब पुरे देश में लोगों के मन में सरकारी स्कूल के प्रति नकारात्मक विचार हो और अचानक ऐसी कोई मिलती है तो कितना अच्छा अनुभव होता है।तो श्रोताओं आप हमें बतायें की शिक्षकों को और ऐसा क्या करना चाहिए जिससे बच्चों का रुझान पढ़ाई की ओर बढ़े..? अभिभावक कैसे बच्चों को खेल-खेल में घर पर भी बच्चों को पढ़ा सकते है.? पढ़ाई को और रोचक कैसे बनाया जा सकता है..? आप अपने बच्चों को कैसे पढ़ाते हैं..? आप अपने विचार और अनुभव हमारे साथ जरूर साझा करें अपने फोन में नंबर 3 दबा कर। अगर खबर पसंद आई तो लाईक का बटन जरूर दबायें।