मलेरिया के इलाज और उसकी रोकथाम के लिए ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक नई दवा विकसित की है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस दवा से मलेरिया के परजीवी को उसके जीवनचक्र के किसी भी चरण में मारा जा सकता है। यह दवा मलेरिया के इलाज में भी बहुत कारगर साबित होगी। अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह शोध साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है। यह दवा प्लास्मोडियम प्रवाहित करने वाले मच्छरों को मारती है। प्लास्मोडियम प्रोटोजोआ संघ का वह प्राणी है जो मनुष्य में मलेरिया रोग उत्पन्न करता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि नई दवा मानव शरीर में कहीं भी मौजूद इस परजीवी को मारने में सक्षम है।ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टोबिन ने बताया कि शोधकर्ताओं का यह कदम मलेरिया उन्मूलन में प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि परजीवी को उसके विकास के विभिन्न चरणों में मारकर हम न केवल मलेरिया का इलाज कर रहे हैं, बल्कि उसे फैलने से भी रोक रहे हैं।मलेरिया एक मच्छर जनित संक्रामक बीमारी है। प्रतिवर्ष इस बीमारी की चपेट में दुनियाभर में 20 करोड़ लोग आते हैं और प्रत्येक साल कम से कम पांच लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे होते हैं। इस परजीवी की खास विशेषता है कि यह रक्त में मादा और नर में बदल सकता है। प्रभावित व्यक्ति से यह मच्छरों के माध्यम से ही दूसरे मनुष्य तक पहुंच जाता है।वैज्ञानिकों ने बताया कि नई दवा शरीर में मौजूद पीएफसीएलके-3 नामक प्रोटीन की गतिविधियों को रोकती है। यह प्रोटीन अन्य उन प्रोटीनों का उत्पादन करता है। जो परजीवी को जीवित रखने में शामिल होते हैं। इस प्रोटीन की गतिविधि रोककर दवा ज्यादा प्रभावशाली तरीके से परजीवी को मारती है, जो न केवल इसे फैलने से रोकती है, जबकि मनुष्यों में इस बीमारी का इलाज भी करती है। मलेरिया के इलाज और उसकी रोकथाम के लिए ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने जो दवा बनाई है अगर उससे इलाज में सफलता हासिल हो गयी तो बहुत अच्छा होगा कई लोगों की जान बच जायेगी और साथ ही देश में बिमारियों के ऊपर होने वाले खर्च में भी कमी आ गयी।ऐसी ही बड़ी और रोचक खबरों के लिए जुड़े रहे मोबाइल वाणी से और खबर अच्छी लगी तो लाईक करें इस खबर को।
