वाल्मीकिनगर , पश्चिम चम्पारण ,बिहार से डी आनंद जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि बिहार के विभिन्न जगहों पर अवैध रूप से नीजि अस्पतालों एवं क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा है। गौर करने वाली बात है कि अवैध रूप से संचालित नीजि अस्पतालों एवं क्लीनिकों में वैसे लोग कार्यरत होते हैं ,जिन्हें सही से इंजेक्शन तक मरीजों को लगाने नहीं आता है। इस तरह से नीजि अस्पतालों एवं क्लीनिकों में सिर्फ गरीब और अशिक्षित ग्रामीणों को लूटने का काम किया जाता है।वे बताते हैं कि, बात सिर्फ यहीं तक ख़त्म नहीं हो जाती बल्कि नीजि अस्पतालों एवं क्लीनिकों का मनोबल इतनी बढ़ गई है कि वे बेवजह मरीजों का ऑपरेशन कर न सिर्फ लोगों से पैसा लूटा जाता है बल्कि लोगों की जान भी जोखिम में डाल देते हैं। वे कहते हैं कि सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग राज्य में संचालित ऐसे निजी अस्पतालों की गहराई से जाँच करें और उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें ताकि नीजि अस्पतालों , क्लीनिकों एवं उसमे कार्यरत फर्जी डॉक्टरों का पोल खुल सके। साथ ही जो शिक्षित डॉक्टर्स हैं ,उन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने का मौका मिले। साथ ही सरकार को चाहिए कि वे सभी सरकारी अस्पतलों में स्वच्छता एवं सेवा की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें ताकि सरकारी अस्पतालों पर लोगों की विश्वसनीयता कायम हो सके।
