मजहब की दीवारें तोड़ नक्सल क्षेत्र में लहरा शान से तिरंगा सोनो (जमुई)/ चरकापत्थर के अति सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस का भी अपना महत्व है। वर्षों तक आपसी प्रेम और भाईचारे से दूर रहने के कारण सही मायने में भारत की आजादी का पर्व उन्नति की राह से अछूता रह गया था। सशस्त्र सीमा बल की 16b बटालियन के प्रयासों से विगत कई वर्षों से आपसी प्रेम और भाईचारे को बनाए रख देश की आजादी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा। एसएसबी सहायक कमांडेंट आशीष वैष्णव के दिशा निर्देश में देश की आजादी का पर्व अपने आप में अनूठी मिसाल पेश कर रहा, जिसने धर्म और जाति के बंधनों को तोड़ आपस में मतभेदों को भुला एक साथ तिरंगा लहराने को प्रेरित किया। हिंदू, मुस्लिम और इसाई धर्म गुरुओं ने एसएसबी संस्थान में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस पर आपसी गिले-शिकवे दूर कर देशभक्ति का परिचय दिया। आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए वहीं युवाओं, बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने सैकड़ो की संख्या में उपस्थिति दर्ज कर आजादी के महा पर्व सही मायने में सार्थक बनाया।