मिर्ज़ापुर। क्षेत्र के मुस्लिम बाहुल्य ग्राम उदयपुर भूड़ा में दहेज और ग्रह कलह से बिखरे पति-पत्नी के रिश्तों को सुलह-समझौते के आधार पर मिलाने में लगे युवा समाजसेवी मो0 तारिक अबतक सात परिवारों में खुशहाली लेकर आये हैं। क्षेत्र के लोग इस युवा समाजसेवी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। ग्राम उदयपुर भूड़ा निवासी दिलदार ने बताया कि उसकी पुत्री उजमा का निकाह अब से करीब तीन वर्ष पहले गांव के ही साहब शेर के पुत्र शरीफ आलम के साथ हुआ था। निकाह के कुछ समय के बाद ही उजमा का उसके शौहर शरीफ आलम के बीच विवाद हो गया। मामला न्यायालय पहुंच गया। बीते दिवस गांव के समाजसेवी मो0 तारिक ने दोनो पक्षों को समझा कर विवाद समाप्त करवा दिया। आज उजमा अपनी बेटी के साथ हंसी खुशी से ससुराल में रह रही है। इसी गांव के ममनून का कहना है कि उसकी बेटी उमयानी का उसके शौहर जमशाद के बीच आये दिन विवाद होता रहता था। गांव के इसी समाजसेवी ने सम्भ्रांत लोगों के साथ दोनो की भावनाओं को समझते हुए विवाद खत्म करवा दिया। आज उसका परिवार भी हंसी खुशी से रह रहा है। गांव के इंद्रकुमार की बेटी सुनीता की शादी बदायूं जिले के उसावां कस्बे में हुई थी। वह भी पति और ससुरालियों से विवाद के चलते कई वर्ष से अपने मायके उदयपुर भूड़ा में रह रही थी। गांव के इसी नौ जवान समाजसेवी ने उसावां जाकर पति-पत्नी के बीच समझौता करवाकर समाज को जोड़ने का काम किया है। उदयपुर भूड़ा के ही निवासी जंगा खां ने बताया कि उसकी बेटी हिना का निकाह क्षेत्र के ही ग्राम मई धीरगंज निवासी राजू खां के साथ हुआ था। निकाह के कुछ दिनों बाद ही हिना और उसके शौहर राजू खां के बीच विवाद हो गया। मामला थाने पहुंच गया। मामले की जानकारी मिलने पर मो0 तारिक ने शौहर-पत्नी के विवाद को भी गांव के सम्भ्रांत लोगों के साथ निबटा दिया। इसी तरह गांव के भैयालाल की पुत्री आरती का अपने पति से चल रहे विवाद समाप्त करवाया। गांव के ही अफरोज खां की बेटी नगमा का उसके शौहर राहेद खां,राशिद खां की बेटी साबरीन का शौहर शाहरुख व हमीदा बेगम का अपने शौहर आदिल के बीच वर्षों से चल रहे विवादों को गांव के इस युवा समाजसेवी ने आपसी सुलह के आधार पर समझौता करवाकर समाज को जोड़ने का कार्य किया। उदयपुर भूड़ा गांव के बाबू खां,मुशीर खां,ग्राम ढाई के रिजवान अहमद,पैलानी उत्तर के प्रधान फारूक अली,बहेरिया के शिक्षक मुख्तयार अहमद व मिर्ज़ापुर के शिक्षाविद शमशाद हुसैन आदि ने युवा समाजसेवी मो0 तारिक खां की तारीफ करते हुए कहा कि समाज को जोड़ने का यह कार्य वाकई काबिले तारीफ है। यदि हर गांव में इस तरह के युवा समाजसेवी आगे आ जायें तो शायद किसी को भी बेटियां बोझ नहीं लगेंगी। समाजसेवा उसे अपने पिता राष्ट्रपति से पुरुष्कृत शिक्षक अब्दुल रऊफ खां से मिली है। वह चार भाइयों में सबसे छोटा है। सभी भाई व्यापार में अच्छा कमा खा रहे हैं। उसके कोई बच्चा नहीं है। समाजसेवा ही उसकी जिंदगी का मकशद है। मो0 तारिक खां उदयपुर भूड़ा (मिर्ज़ापुर)