अस्पताल परिसर में खड़ी हुई एंबुलेंस में अचानक आग लग गई। इस आग से एंबुलेंस धू-धू कर जलने लगी। आग का गुब्बार देखकर अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। लोग एंबुलेंस की तरफ भागे लेकिन आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं थे इसलिए एंबुलेंस कुछ ही समय में जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि हादसे से चंद मिनट पहले ही मरीज को उतार लिया गया था। गुरुवार सुबह सरकारी एंबुलेंस 102 मरीज लेकर लौटी और मरीज उतारने के बाद अस्पताल परिसर में खड़ी थी तभी अचानक उसमें आग लग गई आग की लपटे एंबुलेंस से बाहर निकलने लगी तो आसपास के लोगों ने देखकर शोर मचाया जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया लोग आग बुझाने के लिए दौड़े लेकिन वहां पर एंबुलेंस में लगी आग को बुझाने के लिए कोई इंतजाम नहीं थे। कुछ ही समय में एंबुलेंस जलकर खाक हो गई।एंबुलेंस में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक नवीन कुमार की मानें तो एक दिन पूर्व ही एंबुलेंस सर्विसिंग होकर वापस आई थी। आग कैसे लगी, इसका अभी कुछ पता नहीं चल सका है। हालांकि एंबुलेंस अधीक्षक कार्यालय के पास में खड़ी थी। जिससे आग लगने की आवास में लगे हुए ऐसी व अन्य जरूरी सामान भी जलकर खाक हो गए जिससे लगभग पचास हजार से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।
रायबरेली शहर के सर्वोदय नगर में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन का कार्य जारी है मगर विभाग की लापरवाही के चलते एक तो काफी दिनों से यह कार्य लंबित है और खुदाई के बाद रोड न बनने की वजह से मोहल्ला निवासी घर से बाहर गाड़ी से तो क्या पैदल भी नहीं निकल पा रहे हैं सीवर लाइन बनने के बाद रोड को जस का तस छोड़ दिया गया है अतः थोड़ी सी बारिश से सर्वोदय नगर मोहल्ले में चारों तरफ सड़कों पर कीचड़ ही दिखाई पड़ता है जिस पर साइकिल दो पहिया वाहन चार पहिया वाहन से लेकर ट्रैक्टर तक नहीं चल पा रहे हैं लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है मोहल्ले वासियों का कहना है कि अगर सीवर लाइन का काम किया जा रहा है तो उसके बाद तुरंत रोड भी बनवा दी जाए क्योंकि सर्वोदय नगर में एक ही आने-जाने का एक ही मार्ग है अतः मोहल्ले वासियों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है मोहल्ले में एक तो बहुत कम दुकान हैं और जो दुकाने हैं भी उनमें भी बाहर से सामान नहीं आ पा रहा है छोटे बच्चो के विद्यालय वैसे तो बंद है लेकिन पिछले कई दिनों से बसें भी मोहल्ले में नहीं आ रही है।।पढ़ने के लिए के लिए भी बच्चों को 1 से 2 किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है ऐसे में मोहल्ले वालों का मोहल्ले में रहना व रोड पर चलना दूभर हो चुका सभी मोहल्लेवासी इस समय बड़ी कठिनाईओं का सामना कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की सुविधा उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं लोगों का नौकरी पर जाना या कोई सामान लाना किसी युद्ध से कम नहीं है बच्चे ना तो कोचिंग और विद्यालय जा पा रहे हैं और इस समय यदि कोई बीमार पड़ गया तो उसे अस्पताल पहुंचने में भी नाकों चने चबाने पड़ जाते हैं ऐसी अवस्था में मोहल्ले वासी आखिर अपनी शिकायत लेकर कहां जाएं l
