उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के चिरगाँव प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता अनीश की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पुष्पा से हुई। पुष्पा कहती है कि गाढ़ीबान समूह की महिलाएँ दाल ,दलीया, बेसन ,पापड़ बनाने की मशीन व चक्की घर में लगाए है। समूह में कुल 15 दीदियाँ है जो इस कारोबार से जुड़ी है। दीदियाँ वर्ष 2022 से यह कारोबार चला रही है। इस कारोबार के लिए इन्होने सबसे पहले एक लाख का लोन लिया ,तब इनके पास कुछ भी नहीं था। 50 हज़ार तराज़ू ,मशीन ,चक्की आदि में खर्च हो गया। बाकि 50 हज़ार से थोड़ा थोड़ा सामान ले कर कारोबार शुरू हुआ। अब लाखों में आर्डर आ रहे है। कारोबार का प्रचार भी अच्छे से हुआ जिससे गांव से लोग आकर सामान ले जाते है। वहीं कही भी कोई कार्यक्रम होता है तो स्टॉल गया जाता है। अभी महिलाएँ कही भी जा कर काम करती है जहाँ से आर्डर आता है। आस पास के लोग तो बोलते रहते थे पर परिवार का सहयोग से ये महिलाएँ आगे बढ़ रही है। साथ ही इन्होने बताया कि हकदर्शक से इन्होने प्रशिक्षण लिया। तीन दिन की ट्रेनिंग की। सबसे पहले वृद्धा ,विकलांग व विधवा पेंशन की पूरी जानकारी मिली और आयुष्मान कार्ड बनाने की जानकारी भी मिली। ये लोग आयुष्मान कार्ड भी बनाती है जिसका 50 रूपए चार्ज लेती है। इसमें इन्हे 15 - 20 रूपए मिल जाता है। इसका कार्य भी शुरू करने के लिए कस्टमर इन्होने बना लिया है। अभी रक्षा बंधन त्यौहार के बाद से कार्य को रफ़्तार में लाएंगी।
