मंगलवार को घने कोहरे के कारण बढ़ी ठंड को देखते हुए आठवीं तक की विद्यालय को एक बार फिर बंद कर दिया गया है

सर्दी में यात्रियों की कमी से बसों का संचालन में बाधा

तीन दिनों में 27 हजार पंजीकरण आर . टी . ई . के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार राज्य में प्रथम श्रेणी के पूर्व - प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश के पहले चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं । 20 जनवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया में बीस हजार में से बीस हजार बच्चों के आवेदन तीन दिनों में प्राप्त हो चुके हैं । 57 ने अपने आवेदन पूरे कर लिए हैं । आर . पी . ई . के तहत दो हजार चौबीस और पच्चीस के शैक्षणिक दायरे में कुल छप्पन हजार सात सौ चौबीस विद्यालयों में प्रवेश के लिए मंजूरी दी गई है । होने वाले दाखिले को देखते हुए इस बार चार चरणों में दाखिले कराने का फैसला किया गया है । कार्यक्रम के अनुसार , नए सत्र में आवेदनों का पहला चरण 18 फरवरी तक होगा ।

गरीबों बुजुर्गों की पेंशन में ₹500 की वृद्धि हो सकती है।

शीतलहर का कर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है 24 जनवरी को अत्यधिक ठंड के कारण बलिया जिले के जिला मजिस्ट्रेट ने कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक के विद्यालय को बंद रखने का आदेश दिया है।

दोस्तों, देश में बालिकाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने, लड़कियों की शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, करियर के लिए मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। नेशनल गर्ल चाइल्ड डे का मुख्य उद्देश्य बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और देश में लड़कियों के सामने आने वाली असमानताओं के मुद्दों से निपटना और बेटियों के अधिकारों के बारे में सभी को बताना है। मोबाइल वाणी परिवार की और से आप सभी को राष्ट्रीय बालिका दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाये।

मौसम में बदलाव और कड़ाके की ठंड से आम लोग बेहाल हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 5 डिग्री सेल्सियस हो गया।

जल निगम के अधिशासी अभियंता निर्माण पियूष मौर्य की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलिया से संतोष मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि सुखपुरा कस्बे में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट के सामने सड़क पर कूड़े का अम्बार लगा है जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं

गंगा के कटान में विलिन कर विद्यालयों के छात्र पिछले कई वर्षों से कहीं विद्यालय में पढ़ रहे हैं । विडंबना यह है कि एक विद्यालय में पांच कमरों में पांच विद्यालयों की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।