केसठ। प्रखंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय में नामांकित बच्चों को सरकार के प्राप्त स्कूल बैग,कॉपी, ड्राइंग कीट समेत अन्य सामग्री का मंगलवार को वितरण किया गया। इसका शुभारंभ मनोज कुमार ने किया।इस दौरान एक सौ से अधिक बच्चों को स्कूल बैग समेत अन्य कीट का वितरण कर विद्यालय में प्रतिदिन उपस्थित होने के लिए प्रोत्साहित किया गया। श्री कुमार ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के प्रति लगाव हो, इसके लिए बच्चों को बैग, कॉपी ड्रॉइंग कीट समेत अन्य सामग्री सरकार के तहत मुहैया कराई जा रही है, ताकि बच्चों को पढ़ाई करने में कोई परेशानी नहीं हो।वही बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पा सके। इस दौरान बच्चे बैग कीट पाकर खुश दिखे। इस मौके पर राजू कुमार पांडेय, अलाउद्दीन अंसारी, सरोज कुमारी, रीता कुमारी, अंजू कुमारी समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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बचपन के यादों का पाल बचपन बनाओ कविता के साथ आराध्या राज बचपन बना के तहत लगातार बच्चों के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है मोबाइल वाली के द्वारा और उसमें बच्चों एवं अभिभावकों के साथ खास बातचीत और कविता और जीवन शैली के बारे में जानकारी मोबाइल पानी के जरूर दिया जा रहा है उसी कड़ी में बचपन की यादें बचपन बनो कविता आराध्या राज के साथ प्रस्तुति

पद्मश्री तुलसी घोड़ा महान पर्यावरण सुरक्षा के प्रयास के लिए हम धन्यवाद के साथ उनको शत-शत नमन है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा भिंडी की फसल में चित्तीदार सुंडी कीट की जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

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व्यक्ति के चरित्र उसके व्यक्तित्व से निर्धारित होता है ना कि उसके सौंदर्य और रूप से।

मोबाइल बानी के बाद रहे कार्यक्रम बचपन मनाओ बढ़ते जाओ में एक 10 वर्षीय लड़की आस्था कुमारी ने सुंदर कविता की प्रस्तुति की है।

नावानगर। नव पदस्थापित थानाध्यक्ष का पदभार नंदू कुमार ने सोमवार को ग्रहण कर लिया। पदभार ग्रहण करने के साथ ही शराब कारोबारियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया। जिसको लेकर क्षेत्र में दहशत बना हुआ है। जहां पहले दिन ही दो शराब कारोबारियों को केसठ से जेल भेजा गया है। थानाध्यक्ष ने अपने वार्ता में कहां कि शराब कारोबारियों पर विशेष नजर तो रहेगी ही, उपद्रवियों, शरारती तत्वों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा। क्षेत्र में अमन चैन के लिए हर संभव जी जान से प्रयास करेंगे। जहां हर वर्ग के लोगो को न्याय दिलाने के लिये हर वक्त तत्पर रहेंगे। किसी भी हाल में अपराध करने वालो अपराधियो को बख्शा नही जायेगा।

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.