घरेलू हिंसा सभ्य समाज का एक कड़वा सच है।आज भले ही महिला आयोग की वेबसाइट पर आंकड़े कुछ भी हो जबकि वास्तविकता में महिलाओं पर होने वाली घरेलु हिंसा की संख्या कई गुना अधिक है। अगर कुछ महिलाएँ आवाज़़ उठाती भी हैं तो कई बार पुलिस ऐसे मामलों को पंजीकृत करने में टालमटोल करती है क्योंकि पुलिस को भी लगता है कि पति द्वारा कभी गुस्से में पत्नी की पिटाई कर देना या पिता और भाई द्वारा घर की महिलाओं को नियंत्रित करना एक सामान्य सी बात है। और घर टूटने की वजह से और समाज के डर से बहुत सारी महिलाएं घरेलु हिंसा की शिकायत दर्ज नहीं करतीं। उन्हें ऐसा करने के लिए जो सपोर्ट सिस्टम चाहिए वह हमारी सरकार और हमारी न्याय व्यवस्था अभी तक बना नहीं पाई है।बाकि वो बात अलग है कि हम महिलाओं को पूजते ही आए है और उन्हें महान बनाने का पाठ दूसरों को सुनाते आ रहे है। आप हमें बताएं कि *-----महिलाओं के साथ वाली घरेलू हिंसा का मूल कारण क्या है ? *-----घरेलू हिंसा को रोकने के लिए हमें अपने स्तर पर क्या करना चाहिए? *-----और आपने अपने आसपास घरेलू हिंसा होती देखी तो क्या किया?
महिला विकास सेवा संस्थान के कार्यालय में किया गया ग्राम विकास फाउंडेशन प्रमुख टिशु कुमार जी का स्वागत
सरस्वती पूजा का दूसरा दिन भी धूमधाम से मनाया गया
सुनिए एक मज़ेदार गीत, जिसकी मदद से आप खेल-खेल में ही अपने बच्चों को हिंदी की गिनती और स्वच्छता-संबंधी अच्छी आदतें सिखाएं सकते है... वो भी गाकर!
बनो नई सोच ,बुनो हिंसा मुक्त रिश्ते की आज की कड़ी में हम सुनेंगे महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और हिंसा के बारे में।
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के द्वारा मैट्रिक का परीक्षा हुआ शुरू
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम जानेंगे बैंक खाता खुलवाना क्यों जरुरी है। इसके साथ ही सुरक्षित भविष्य के लिए केवल बचत करना काफी नहीं हैं
बक्सर जिला के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी समझते हैं।
हम अभी दरभंगा जिले के इतिहास के बारे में गहराई से अध्ययन करेंगे। और यहां के राजाओं और किसकी स्थापना करने वालों के बारे में जानकारी लेंगे।
