रामकथा के श्रवण से मन के राग, द्वेष, ईर्ष्या, और भेदभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं। यह मन को शांत कर हिंसक भावनाओं का रोकती है। जिसके ह्वदय में प्रभु के प्रति भाव जागते हैं, जिस पर हरि कृपा होती है। वह मनुष्य ही प्रभु की कथा में शामिल होता है। उक्त बातें विश्व कल्याणार्थ गोह प्रखंड के दादर गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन मध्य प्रदेश के सतना से चल कर आए कथावाचक आचार्य आदित्य नाथ त्रिपाठी ने कहा। कथावाचक ने नौ दिवसीय श्रीराम कथा में प्रत्येक शाम प्रवचन में अलग-अलग प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतिम दिन श्रीराम कथा में जहानाबाद के पूर्व लोकसभा सदस्य सह लोजपा नेता अरूण कुमार ने उपस्थित होकर व्यासपीठ व श्रीरामायण जी का मंगल आरती कर कथावाचक से आशीर्वाद प्राप्त किया।