जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय मे पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर भुमिजा प्रीतम शरण सिंह यादव का स्थानान्तरण जनपद शिक्षा केन्द्र पवई से मनमाने ढंग से कर दिया गया है तथा उनके स्थान पर पवई में पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर नरेन्द्र पटेल को पन्ना डीपीसी कार्यालय मे संलग्न कर लिया गया है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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पन्ना। शाहनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पचायत सर्रा के सैकड़ों आदिवासी हितग्राहियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर बताया है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक रमेश यादव द्वारा करीब तीन माह से राशन नहीं दिया गया। सेल्समैन ग्रामवासीयों के घर पहुंच कर ओपीएस मषीन में फिंगर लगवा कर राशन देने के नाम पर टाल मटोल करता रहता है। और षिकायत करने वालों को धमीकी देता है। और रात को राशन अन्य व्यापारियों के पास पहुंचा दिया जाता है जो कई लोग अपनी आखों से देख चुके हैं। पंच रामप्रताप यादव द्वारा षिकायत करने पर बताया गया कि उक्त ग्राम के राशन वितरण केन्द्र में करीब गेहूँ-144 क्विटंल, व चावल-70 क्विंटल पहुँचाया गया है। जो रसीद में भी दर्ज है, जिसकी कॉल रिकार्डिंग रामप्रताप यादव के मोबाईल पर हैं। ज्ञापन के माध्यम से हितग्राहियों के हिस्से का राशन दिलवाने एवं कालाबाजारी करने वालों की जांच करवा कर सख्त कार्यवाई की मांग की गई है। जांच और कार्यवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन के दौरान रामपाल आदिवासी सहित सैकड़ों हितग्राही शामिल रहे।
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मध्यप्रदेश राज्य के जिला पन्ना से हिम्मत खान मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि उन्होंने दिनांक 20-12-2023 को एक खबर प्रकाशित किया था। खबर में बताया गया था कि रैपुरा तहसील के अंतर्गत लगातार किसानों के द्वारा धान खरीदी केन्द्र को बढ़ाय जाने की माँग की जा रही थी। इस खबर को हमारे सामुदायिक संवाददाता हिम्मत खान ने मोबाइल वाणी पर प्रकाशित किया इसके साथ ही खबर को कलेक्टर हरजिन्दर सिंघ के साथ साझा किया गया अतः इसका असर कुछ इस प्रकार हुआ कि आज दिनांक 28-12-2023 को कलेक्टर ने रैपुरा क्षेत्र में दो और अन्य धान खरीदी केन्द्र खुलवाए जिसके तहत अब उनमे भी धान खरीदी सुचारु रूप से चालू हो गया है। अंत मे खबर के असर से किसान बहुत खुश हैं और मोबाइल वाणी को धन्यवाद कर रहे हैं।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार के द्वारा निशुल्क नसबंदी शिविर चलाया जा रहा है इसके लिए हितग्राहियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। लेकिन पन्ना जिले के अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य में चल रहे निशुल्क महिला नसबंदी शिविर में घोर लापरवाही सामने आई है। बताया गया है कि नसबंदी के बाद दर्जनों महिलाओं को कड़ाके की ठंड में फर्श पर लेटने को मजबूर होना पड़ा। इस संबंध में जब खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर केपी राजपूत से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि एक दिन में अधिकतम 60 महिला हितग्राहियों की नसबंदी की जा सकती है। एफआरएचएस के द्वारा कांट्रैक्ट लिया गया है डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर इत्यादि लगभग सभी व्यवस्थाएं एफआरएचएस के द्वारा ही उपलब्ध कराई जाती हैं। अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल बेड उपलब्ध कराए जाते हैं। नसबंदी में 1 घंटे का समय लगता है उसके बाद 3 घंटे तक रेस्ट के बाद महिला को छुट्टी दे दी जाती है। यह भी बताया गया है कि अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बेड का है अधिकतर बेड मरीजों से भरे होने से नसबंदी कराने आने वाली महिलाओं को कड़ाके की ठंड में फर्श पर लेटने को मजबूर होना पड़ा। वहीं जब इस संबंध में एफआरएचएस के संदीपन सिंह परिहार बात की गई तो बताया कि बेड की कमी की वजह से नसबंदी के बाद महिलाओं को फर्श पर लेटना पड़ा, लेकिन उनके लिए गद्दे कंबल इत्यादि की व्यवस्था एफआरएचएस के द्वारा की गई है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। यही हाल जिला चिकित्सालय पन्ना एवं जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ केंद्रों के शिविरों के बताए जा रहे हैं। महिलाओं के परिजनों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि इस प्रकार संवेदनशील कार्य में बरती गई घोर लापरवाही की वजह से महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जिंदगी पर खतरा हो सकता है। जिसे एफआरएचएस अधिकारियों के द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। कुछ लोगों के द्वारा यह भी कहा गया है कि ऐसी लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्यवाई होनी चाहिए ताकि दोबारा इस प्रकार महिलाओं की सुरक्षा एवं जिंदगी से खिलवाड़ ना हो।
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