जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जनपद की सभी ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए
नवादा में एक कोल्ड स्टोरेज पर व्यवसाय प्रमोद सिंह ने किसान गोष्ठी की इसका शुभारंभ उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने किया
मवेशियों को भूसा चारा जैसी समुचित व्यवस्था मिलने पर संतोष जताया
राज्य स्तरीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय में प्रधान सुनीता देवी ने कम्प्यूटर लैब की रखी आधारशिला
बुधवार को बसंत पंचमी के अवसर पर मां राजेश्वरी शांती प्रसाद अचल शिक्षण संस्थान तेरिया मल्हेरा में विद्यालय परिवार की ओर से चौदहवें सामूहिक यज्ञोपवीत जनेऊ संस्कार का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के विभिन्न स्थानों से पहुंचे 40 ब्राम्हण बटुकों को सामूहिक यज्ञोपवित उपनयन जनेऊ संस्कार संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार व अनुष्ठान के संपन्न होने के साथ 40 बटुकों को यज्ञोपवीत संस्कार के तहत जनेऊ धारण कराया गया। सनातनी परंपरा निभाने के तहत इन सभी बटुकों ने गुरु के आदेश पर वही शिक्षा ग्रहण करने का संकल्प लिया। यज्ञोपवीत संस्कार से पूर्व बटुकों का मुंडन करवाया गया। बाद में विधि-विधान से भगवान गणेश सहित देवी देवताओं का पूजन, यज्ञवेदी एवं बटुकों को अधोवस्त्र के साथ माला पहनाकर बैठाया गया। इसके बाद विनियोग मंत्र ब्रह्मचर्य के पालन की शिक्षा के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। गायत्री मंत्र की दीक्षा लेने के बाद बटुकों ने भिक्षा लेकर गुरु को अर्पण की। इसके बाद गुरु ने उनके कानों में गुरु मंत्र दिया। विद्यालय प्रबंधक अचल कुमार पांडे ने बताया कि वैदिक धर्म में यज्ञोपवीत दशम संस्कार है। इस संस्कार में बटुक को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी जाती है और यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है। यज्ञोपवीत का अर्थ है यज्ञ के समीप या गुरु के समीप आना। यज्ञोपवीत एक तरह से बालक को यज्ञ करने का अधिकार देता है। शिक्षा ग्रहण करने के पहले यानी, गुरु के आश्रम में भेजने से पहले बच्चे का यज्ञोपवीत किया जाता था। भगवान रामचंद्र तथा कृष्ण का भी गुरुकुल भेजने से पहले यज्ञोपवीत संस्कार हुआ था। कार्यक्रम में सभी ब्राह्मणों एवं गणमान्य अतिथियों का उत्साह देखते ही बनता था। हल्की मौसमी ठंड के बीच मंत्रोच्चार द्वारा विद्यालय एवं गांव क्षेत्र का माहौल भक्ति मय बना हुआ था। कार्यक्रम समापन के दौरान विद्यालय प्रबंधक की ओर से समस्त बटुकों एवं क्षेत्रीय गणमान्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी परिवारों एवं क्षेत्रीय लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण सहित जरूरी दवाओं का वितरण किया गया। इस मौके पर सुबोध कुमार पांडे, दिनेश कुमार पांडे, गिरिजेश तिवारी, ओम प्रकाश तिवारी, ओम प्रकाश मिश्रा, हिमांशु गुप्ता, वरुण पांडे, अवधेश मिश्रा, सरोज मिश्रा, नवीन पांडे, मनीष मिश्रा, अवधेश त्रिपाठी, दिनेश कुमार पांडे, सहित तमाम जन मौजूद है।
70 दिव्यांगों को वितरित किए गए उपकरण
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया है कि 23 फरवरी को सुबह 10:00 बजे से विकासखंड कार्यालय हरपालपुर की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी
मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की
दोस्तों, हरदोई की सब्जी मंडी में सब्जियों के ताजा भाव इस प्रकार हैं। प्याज 1520 रुपये कुंटल, टमाटर 1455 रुपये कुंटल हैं, जबकि आलू 745 रुपये कुंटल, लहसुन 13540 रुपये कुंटल बिक रहा। अदरक 7540 रुपये कुंटल, हरी मिर्च 2475 रुपये कुंटल हैं। इसके अलावा बंदगोभी 1255 रुपये कुंटल, फूलगोभी 1345 रुपये कुंटल हैं। गाजर 1340 रुपये कुंटल, मूली 950 रुपये कुंटल, बैंगन 1680 रुपये कुंटल, लौकी 1760 रुपये कुंटल, हरी मटर 2570 रुपये कुंटल, कद्दू 1525 रुपये कुंटल, शिमला मिर्च 3132 रुपये कुंटल, पालक 1520 रुपये कुंटल हैं।
विकासखंड क्षेत्र कछौना की ग्राम सभा बर्राघूमन में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर व मेला का आयोजन किया गया। बतातें चलें कछौना ब्लॉक की ग्राम सभा बर्राघूमन में पशुपालन विभाग द्वारा एक दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर व मेला का आयोजन किया गया। पशु चिकित्सा अधिकारी कछौना आशीष कुमार ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण के संबंध में जानकारी दी। डॉक्टर अश्वनी गौतम ने बताया पशुओं को कोई समस्या होने पर इमरजेंसी सेवा 1962 पर कॉल करके उचित लाभ ले सकते हैं। वर्तमान समय में पशुओं में होने वाली बीमारी खुरपका, मुंहपका, टीपीआर पकुनी रोग बकरी में, कीड़े की समस्या होती है। कीड़े होने से ज्यादातर अन्य बीमारी होती हैं। पशुओं का खान-पान हरा व ताजा चारा दें। दूध के लिए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग न करें। यह पशुओं व दूध पीने से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। इसे गंभीर बीमारी होती हैं। पशुपालकों को निःशुल्क दवाई वितरित की गई। वहीं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना जोर देते हुए कहा प्रदेश के सभी जिलों में शुरू की गई है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक 8 लीटर से ज्यादा दूध देने वाली गाय के पशुपालक को 15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिसका लाभ लेने के लिए पत्र पशुपालक आधार कार्ड की छाया प्रति, बैंक पासबुक, टैग, बीमा, लॉटरी, गाय के साथ फोटो आदि आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर फॉर्म जमा कर लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर डॉक्टर अश्वनी गौतम, डॉक्टर रचित पटेल, डॉक्टर हरिपाल सिंह, डॉक्टर आशीष कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी, इमरजेंसी वाहन के स्वास्थ्य कर्मी धर्मेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
