बुधवार को बसंत पंचमी के अवसर पर मां राजेश्वरी शांती प्रसाद अचल शिक्षण संस्थान तेरिया मल्हेरा में विद्यालय परिवार की ओर से चौदहवें सामूहिक यज्ञोपवीत जनेऊ संस्कार का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के विभिन्न स्थानों से पहुंचे 40 ब्राम्हण बटुकों को सामूहिक यज्ञोपवित उपनयन जनेऊ संस्कार संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार व अनुष्ठान के संपन्न होने के साथ 40 बटुकों को यज्ञोपवीत संस्कार के तहत जनेऊ धारण कराया गया। सनातनी परंपरा निभाने के तहत इन सभी बटुकों ने गुरु के आदेश पर वही शिक्षा ग्रहण करने का संकल्प लिया। यज्ञोपवीत संस्कार से पूर्व बटुकों का मुंडन करवाया गया। बाद में विधि-विधान से भगवान गणेश सहित देवी देवताओं का पूजन, यज्ञवेदी एवं बटुकों को अधोवस्त्र के साथ माला पहनाकर बैठाया गया। इसके बाद विनियोग मंत्र ब्रह्मचर्य के पालन की शिक्षा के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। गायत्री मंत्र की दीक्षा लेने के बाद बटुकों ने भिक्षा लेकर गुरु को अर्पण की। इसके बाद गुरु ने उनके कानों में गुरु मंत्र दिया। विद्यालय प्रबंधक अचल कुमार पांडे ने बताया कि वैदिक धर्म में यज्ञोपवीत दशम संस्कार है। इस संस्कार में बटुक को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी जाती है और यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है। यज्ञोपवीत का अर्थ है यज्ञ के समीप या गुरु के समीप आना। यज्ञोपवीत एक तरह से बालक को यज्ञ करने का अधिकार देता है। शिक्षा ग्रहण करने के पहले यानी, गुरु के आश्रम में भेजने से पहले बच्चे का यज्ञोपवीत किया जाता था। भगवान रामचंद्र तथा कृष्ण का भी गुरुकुल भेजने से पहले यज्ञोपवीत संस्कार हुआ था। कार्यक्रम में सभी ब्राह्मणों एवं गणमान्य अतिथियों का उत्साह देखते ही बनता था। हल्की मौसमी ठंड के बीच मंत्रोच्चार द्वारा विद्यालय एवं गांव क्षेत्र का माहौल भक्ति मय बना हुआ था। कार्यक्रम समापन के दौरान विद्यालय प्रबंधक की ओर से समस्त बटुकों एवं क्षेत्रीय गणमान्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी परिवारों एवं क्षेत्रीय लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण सहित जरूरी दवाओं का वितरण किया गया। इस मौके पर सुबोध कुमार पांडे, दिनेश कुमार पांडे, गिरिजेश तिवारी, ओम प्रकाश तिवारी, ओम प्रकाश मिश्रा, हिमांशु गुप्ता, वरुण पांडे, अवधेश मिश्रा, सरोज मिश्रा, नवीन पांडे, मनीष मिश्रा, अवधेश त्रिपाठी, दिनेश कुमार पांडे, सहित तमाम जन मौजूद है।
