News, 16:29, 03 March 2024
News, 16:27, 03 March 2024
समाज को कैसे जागरूक करें
भोजन कैसा करना चाहिए
गोरखपुर अनाज मंडी भाव 3 मार्च
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गोरखपुर। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत नगर निकाय के प्रत्येक वार्ड में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति का गठन किया गया है। स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति के माध्यम सें जन-जन तक स्वच्छता एवं सफाई के अतिरिक्त वार्डो के अन्य कार्यो यथा पथ प्रकाश, निर्माण कार्य आदि तक के लिए प्राप्त सुझाव एवं शिकायतों के आधार पर कार्यवाही करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। वार्ड स्तर पर समिति के पदाधिकारियों की बैठकों में वार्ड की समस्याओं और उनके निस्तारण पर विचार विमर्श कर समस्याओं के निदान के लिए कार्यवाही की जाती है। इसी क्रम में वार्ड संख्या 59 आत्माराम नगर में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति की बैठक आहूत की गयी। बैठक में समिति के समस्त पदाधिकारियों के साथ स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय की आई0ई0सी0 टीम नें भी प्रतिभाग किया। बैठक में किये गये विचार विमर्श के द्वारा जनता को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हेतु सेग्रीगेटेट कचरा देने एवं यूजर चार्ज जमा करने के लिए जागरूक किये जाने की योजना पर बल दिया। साथ ही नाले एवं जलजमाव की सफाई के लिए स्थानीय स्वच्छता कर्मियों को निर्देशित किया। इसी के साथ खुले में शौच न करने और व्यक्तिगत, सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों के प्रयोग के लिए जनजागरूकता के लिए रणनीति बनाई गई। वार्ड में शुद्व पेयजल की सुविधा, पाईपलाइन के लिकेज को तत्काल ठीक कराने एवं पथ प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ किये जाने पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही वार्डवासियों को अपने घरो के साथ पास-पडोस को भी साफ-सुथरा रखने के लिए जागरूक किये जाने की योजना पर सामूहिक प्रयास के द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसी क्रम मे नगर आयुक्त श्री गौरव सिंह सोगरवाल नें स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति के कार्यो एवं उद्देश्यों के अनुसार समस्त वार्डो में स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति के माध्यम से स्वच्छता, सफाई, पथप्रकाश, निर्माण, शौचालयो, मूत्रालयों, अतिक्रमण आदि पर लोगो को जागरूक कर कार्य करते हुए जनहित को अधिक से अधिक सुविधाओं से जोडने पर बल दिया।
उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से अदिति श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से संबंधित मुद्दे आत्महत्या के मुख्य कारण हो सकते हैं , जैसे कि अवसाद , अंधविश्वास , या मानसिक बीमारी वाले व्यक्ति में आत्महत्या के विचार हो सकते हैं । आत्मसम्मान या सामाजिक अलगाव की स्थिति भी इसे बढ़ा सकती है । राजनीतिक दबाव भी व्यक्तियों को आत्महत्या की ओर धकेल सकता है । आपको आर्थिक नौकरी छूटने या सामाजिक असुरक्षा का भी अनुभव हो सकता है ।
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