गोरखपुर फल मंडी भाव 25 दिसम्बर

गोरखपुर सब्जी मंडी भाव 25 दिसम्बर

गोरखपुर में एक निजी सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे अन्नू कपूर अभिनेता कहा पैसा ही मेरा धर्म और इनाम है

गोरखपुर में क्रिसमस की तैयारी पूरी चर्चाओं को आकर्षक झालरों की रोशनी से सजाया गया रात 12:00 बजे और सुबह 8:00 बजे होगी विशेष प्रार्थना

गोरखपुर में म‌ई तक बन जाएगी फ्लैट्टेड फैक्ट्री गारमेंटेड उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 5 एकड़ में बन रही तीन मंजिला बिल्डिंग

गोरखपुर में जाम से निपटने का नया प्लान गोलघर में सभी तरह के ऑटो और ई रिक्शा पर लगा प्रतिबंध नियम तोड़ने पर होंगे सीज

गोरखपुर शहर में 12 जगह पर बनेगी सरफेस पार्किंग

एम एम एम यू टी में एल्युमिनियम मीट कल से 3 बैच के जुटेंगे 300 पुरातन छात्र

श्री अन्न एक प्रकार का मोटा अनाज होता है, इसे सुपर फूड और मल्टीग्रेन के नाम से भी जाना जाता है। इसके अंतर्गत मोटे अनाज जैसे ज्वार बाजरा, रागी, मडुआ, जौ, कोदो, सामा, सांवा, कुटकी, कांगनी और चीना को शामिल किया गया है। बीते दिनों प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान किया। राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय श्री अन्न महोत्सव के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि श्री अन्न के पौष्टिकता एवं औषधीय गुण को देखते हुए सभी जनपदों में निजी श्री अन्न के स्टॉल खोलने हेतु कृषक उत्पादक संगठन/निजी क्षेत्र को सहयोग स्वरूप 10 लाख रुपये प्रति इकाई अनुदान प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों श्री अन्न के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता वृद्धि एवं विपणन के लिए शोध हेतु सरकार की ओर वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि श्री अन्न के निर्यात हेतु एपीडा के सहयोग से विश्व के अन्य देशों से मांग की जा रही है, एवं जी-20 के डेलीगेट्स से भी डिमाण्ड हेतु अनुरोध किया गया है। इसके बाद कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी धन्यवाद ज्ञापित करते हुए निर्देशित किया कि मिनीकिट का वितरण प्रत्येक दशा में कर लिया जाए। उन्होंने किसानों से यह भी अनुरोध किया गया कि वर्तमान कृषि के साथ-साथ खाली बचे कम उर्वर या पानी की कमी वाली भूमि या स्थानों पर श्री अन्न की खेती अवश्य करें। क्योंकि एक तरफ श्री अन्न की खेती करने में लागत कम लगती है तो दूसरी ओर सरकार द्वारा धान, गेहूं की अपेक्षा बाजरा, ज्वार, रागी आदि का न्यूनतम समर्थन मूल्य 300 से 1600 रुपये प्रति कुंतल तक अधिक है एवं सरकार द्वारा इसके क्रय की सुनिश्चितता की जा रही है जो निःसन्देह कृषक बन्धुओं के लिए लाभकारी होगा। इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ.देवेश चतुर्वेदी के द्वारा बताया गया कि श्री अन्न के उत्पादन से लेकर एवं विपणन व निर्यात तक के कार्यक्रम की रूपरेखा बनायी गयी है। जिसमें प्रदेश के 95 कृषि उत्पादक संगठनों को प्रति इकाई 4 लाख रुपये की सीड मनी सहयोग के रूप में प्रदान किया गया एवं उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम संस्था, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण संस्था, कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वय से मांग के अनुरूप बीज का उत्पादन करेंगे. कृषक उत्पादक संगठन, कृषि विज्ञान केंद्र एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से श्री अन्न के उत्पादन का प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग हेतु कृषकों को प्रशिक्षण किया जायेगा जिससे मूल्य संवर्धन कर कृषकगण लाभ कमा सकते है। उन्होंने कृषक बन्धुओं से अपील करते हुए कहा कि फसलों में अनिश्चितता से बचने हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सभी किसान अपनी फसलों का बीमा जरूर कराएं।

बथुआ कैल्शियम से भी भरपूर होता है इसलिए इसे खाना हमारी हड्डियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। जिन बच्चों की लंबाई अभी भी बढ़ रही है, उन्हें बेहतर विकास के लिए बथुआ खाना चाहिए। बथुआ एक बहुत ही हाइड्रेटिंग हरी सब्जी है और फाइबर का एक बड़ा स्रोत है। इसमें रेचक गुण भी होते हैं जो पाचन में मदद कर सकते हैं। बथुआ हर सब्जी मार्केट में आसानी से मिल जाता है, और देश भर में लोग बथुआ का सेवन करते हैं। आप भी जरूर बथुआ को खाते होंगे, लेकिन आपको केवल यह पता होगा कि बथुआ को साग के रूप में खाया जाता है। अधिकांश लोगों को बथुआ के औषधीय गुणों के बारे में ज्यादा जानकारी ही नहीं है। क्या आपको पता है कि बथुआ एक औषधी भी है, और बथुआ खाने के फायदे कई रोगों में मिलते हैं। सर्दियाँ आ चुकी हैं और यह हमारे पसंदीदा साग व्यंजनों को आज़माने का समय है। जबकि आप में से कई लोगों ने सरसो का साग के बारे में सुना होगा, बथुआ साग एक और स्वर्गीय साग है जिसे आप आज़मा सकते हैं। सर्दी के मौसम में बथुआ खाने के बहुत से फायदे हैं। सर्दियों की शुरुआत का मतलब प्रचुर मात्रा में हरी सब्जियों की उपलब्धता है। यह मेथी, पालक, बथुआ और सरसों का मौसम है। आप इन स्वर्गीय साग की मदद से कई स्वादिष्ट सब्जी व्यंजन और परांठे बना सकते हैं। बथुआ एक अत्यंत पौष्टिक और स्वादिष्ट हरी सब्जी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। फिर भी हममें से कई लोग सर्दियों के मौसम में बथुआ खाने से बचते हैं। बथुआ विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन डी से भरपूर एक शक्तिशाली हरा पदार्थ है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स में बहुत सारे खनिज भी होते हैं और यह पोटेशियम, अमीनो एसिड, लौह और फास्फोरस का एक बड़ा स्रोत है। आइए इस सर्दी के मौसम में बथुआ खाने से होने वाले कुछ स्वास्थ्य लाभों पर नजर डालते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, बथुआ एक बहुत ही फायदेमंद औषधि भी है। आप बथुआ के इस्तेमाल से कई रोगों का उपचार कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि हरे रंग का यह पौधा आपके कितने काम आ सकता है, और आप बथुआ के प्रयोग से किस-किस रोग में लाभ पा सकते हैं। यह कोशिका की मरम्मत और हड्डियों की मजबूती में बेहतर परिणाम देता है। कब्ज दूर करने में मदद करता है। दांतों के स्वास्थ्य के लिए बढ़िया होता है। कम कैलोरी के कारण डायबीटिज में यह लीवर के लिए अच्छा है। प्रोटीन में उच्च, सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर है। ये सभी इस सर्दी में बथुआ खाने के शीर्ष फायदे हैं। यदि आपने पहले बथुआ खाने की कोशिश नहीं की है, तो हम आशा करते हैं कि इस लेख ने आपको इस सर्दी के मौसम में कम से कम एक बार बथुआ पकाने और इसके लाभों को स्वयं जांचने के पर्याप्त कारण दिए हैं। सबसे बड़ी और आश्चर्यजनक तथा मजेदार बात यह है कि यह गेहूं,मटर,आलू आदि की फसलों के साथ खेतों में उगने वाला एक ऐसा पौधा है,जिसे किसान उखाड़ कर फेंक देते हैं और इसे फसलों की पैदावार उत्पादन में हानिकारक पौधा मानते हैं। और जैसा कि सभी चीजों के गुण के साथ कुछ अवगुण भी होते हैं। उसी तरह बथुआ के ज्यादा मात्रा में सेवन करने से भी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। खास बात ये है कि बथुआ की तासीर गर्म होती है और इसे दही के साथ मिलाकर खाने पर नुकसान नहीं करता है। बथुआ पोष्टिक तत्वों से भी भरपूर है। एलर्जी बथुआ ज्यादा खाने से जिनकी स्किन सेंसेटिव है उन्हें एलर्जी की शिकायत हो सकती है। कैल्शियम बथुआ में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह डायरिया,प्रेगनेंसी में प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है।