मेट्रो चलने का रास्ता साफ गोरखपुर शहर में बढ़ेगी इलेक्ट्रिक बसे
आमी नदी पर छताई में बने पुल के पास एक अज्ञात शव मिला जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। खजनी गोरखपुर।। कोतवाली थाना क्षेत्र के आमी नदी के छताई पुल के पास शुक्रवार को आमी नदी में अज्ञात पुरुष की सड़ी गली लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। सूचना मिलने पर पहुंची खजनी पुलिस ने किसी तरह से शव को बाहर निकाल कर उसे कब्जे में लेकर पंचायत नामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिले पर भेज दिया। बताया गया कि शव कई दिन पहले का था, और पूरी तरह से सड़ चुका था। शव से तीव्र दुर्गंध आ रही थी। किसी तरह से कड़ी मशक्कत के बाद उसे सहेज कर पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। थाना प्रभारी एसएसआई मनोज पाण्डेय ने बताया कि आमी में मिले शव की शिनाख्त के लिए बहुत प्रयास किया गया, लेकिन शव की पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की उम्र लगभग 55 वर्ष के आसपास बताई गई है।
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गोरखपुर: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय मे खुलेगा स्नेह केंद्र । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो को पूरा सुने और अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें धन्यवाद।
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का सबसे बड़ा महानगर है। गोरखपुर शिक्षा, व्यापार और पर्यटन का एक बड़ा केंद्र भी है। ऐसे में गोरखपुर में भी नया आईआईएम (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) की स्थापना की जाए। यह मांग शुक्रवार को सदर सांसद रविकिशन शुक्ला ने संसद सत्र में भाग लेते समय की। सांसद रविकिशन शुक्ला ने कहा कि गोरखपुर इस समय पूर्वांचल का सबसे अधिक तेज गति से विकसित करने वाला शहर है। यहां लगातार फैैक्ट्री खुल रही है। शिक्षा के क्षेत्र में गोरखपुर का इस समय प्रमुख शहर बना हुआ है, यहां लगातार कई शिक्षण संस्थाएं खुल रही है और बिहार, नेपाल के साथ ही साथ गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, आजमगढ़ सहित एक दर्जन से अधिक जिलों के बच्चे गोरखपुर में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में अगर आईआईएम जैसी संस्था अगर गोरखपुर में खुल जाती है तो ऐसे लाखों बच्चों के लिए एक अच्छा संस्थान मिल जाएगा। सांसद ने कहा कि गोरखपुर में इस समय सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। देश के हर प्रमुख शहरों के नेटवर्क से इनदिनों गोरखपुर जुड़ गया है। रेलवे हो या हवाई मार्ग से गोरखपुर जुड़ चुका है। ऐसे में अगर गोरखपुर में आईआईएम की शाखा स्थापित होती है तो यहां के छात्रों को सपने देखने का एक नया आयाम मिल जाएगा। गोरखपुर और इसके आसपास के जिलों के छात्र बड़े मेधावी हैं जो शिक्षा के लिए गोरखपुर आते है उनमें अपार संभावनाएं हैं। वे प्रबंधन की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन गोरखपुर व उसके आसपास के किसी भी जिले में प्रबंधन संस्थान ना होने के कारण उन्हें काफी दूर जाना पड़ता है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर, दलित और वंचित वर्ग के छात्र संसाधनों की कमी के से अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। गोरखपुर में एक भारतीय प्रबंधन संस्थान के स्थापना हो जाने से यहां के छात्र-छात्राओं को अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होगा जिससे इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।
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