गोरखपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) गोरखपुर महानगर इकाई के कार्यकर्ताओं द्वारा पश्चिम बंगाल के संदेश खाली में हो रहे महिला विरोधी कुकृत्य के विरुद्ध दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारा पर विरोध प्रदर्शन कर ममता बनर्जी का पुतला दहन किया गया। अभाविप गोरक्ष प्रांत मंत्री मयंक राय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है, वहां महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है। पश्चिम बंगाल में निरंतर महिलाओं के साथ अनाचार की घटनाएं सामने आ रही है, संदेश खाली में टीएमसी के गुंडे महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और ममता बनर्जी तुष्टिकरण के नाम पर मौन साधकर बैठी हुई है। अभाविप गोरखपुर महानगर मंत्री शुभम राव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में निरंकुशता अपने चरम है, टीएमसी की विभाजनकारी नीति ने राज्य के सुनहरे भविष्य को अंधेरे में धकेल रहा है। आज पश्चिम बंगाल का आम जनमानस काफी डरा हुआ है, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पश्चिम बंगाल में मानवता को कुचल रही है।

उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से तारकेश्वरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसान अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं । यह खाद्य सुरक्षा और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । भारत में अधिकांश आबादी प्रजनन प्रणाली पर आधारित है और किसानों का इसमें रणनीतिक महत्व है । पहलुओं में कृषि उत्पादन , बाजार आधारित उद्योग और आर्थिक विकास शामिल हैं । किसान न केवल खेती करता है बल्कि उद्यमिता , रोजगार और विकास में भी योगदान देता है । सरकारी योजनाओं के लाभ उन्हें प्रौद्योगिकी और समृद्धि के मामले में पूर्णता प्राप्त करने में मदद करने के लिए उपलब्ध होने चाहिए ।

राजीव की डायरी कड़ी संख्या 18 बढ़ती घरेलू हिंसा

उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से अदिति श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कभी - कभी किसानों को उनकी मेहनत की कमाई का सही मूल्य नहीं मिलता है । किसान भाइयों को इन समस्याओं से बचाने के लिए सरकार उनकी फसलों के लिए एमएसपी देती है । हम आपको एम . एस . पी . के बारे में सारी जानकारी दे रहे हैं । सरकार 23 फसलों पर एम . एस . पी . देती है । अगर आपको याद हो तो पूरे एक साल में दो हजार बीस से लेकर इकतीस तक देश के किसानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था । यह आंदोलन किसान आंदोलन के नाम से बहुत लोकप्रिय हुआ । यह आंदोलन एक आंदोलन था । अब तक केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एम . एस . पी . ) के लिए लड़ाई लड़ी गई है । आप ऊपर से एम . एस . पी . के बारे में शायद कभी नहीं जानते होंगे , लेकिन हम आज इसके बारे में जानते हैं । सीधे शब्दों में कहें तो सरकार किसानों द्वारा उगाई गई फसल की कीमत तय करती है , ताकि जब किसान फसल पूरी कर ले , तो कीमत तय हो जाए । वह इसे फल बाजार में बेचता है और फिर सरकार द्वारा ।

गोरखपुर अनाज मंडी भाव 22 फरवरी

एम्स :40 चिकित्सा शिक्षकों को मिली पदोन्नति।

बी आरडी : परिसर में ही बनेगा 150 बेड का ट्रामा सेंटर व आईसीयू ।

सुबह बारिश और दिन में छाए रहे बादल

सरकारी अस्पतालों की बिगड़ी व्यवस्था का फायदा उठा रहे मरीज माफिया ।

बी आरडी मेडिकल के पूछताछ काउंटर से ही शुरू हो जाता है मरीज माफिया का खेल।