उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिले से माधुरी श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि जैसे - जैसे बच्चे बड़े होते हैं , उन्हें दोस्त बनाना या रखना सीखना , गृहकार्य करना और सुरक्षित रहते हुए मज़े करना कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है किन आज के बच्चे एक बढ़ती हुई समस्या का सामना कर रहे हैं जो उन्हें अपने पूरे जीवन में कई चिकित्सा स्थितियों के लिए जोखिम में डालती है ।समस्या यह है कि बचपन के मोटापे से बच्चे अकेले नहीं निपट पाएंगे । चपन के मोटापे को कम करने में मदद करने के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं । पिछले तीन दशकों में युवाओं में मोटापे की दर लगभग तीन गुना हो गई है । आज , संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग तीन में से एक बच्चा और किशोर अधिक वजन का है । अधिक वजन या मोटापे से हृदय रोग , स्ट्रोक , टाइप 2 मधुमेह और कई कैंसर का खतरा बढ़ जाता है । मोटापे से जुड़ी अन्य स्थितियों , जैसे कि उच्च रक्तचाप और उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल , का बचपन के दौरान तेजी से निदान किया जाता है । अफसोस की बात है कि बच्चों को केवल चिकित्सा समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है । बच्चे और किशोर सामाजिक भेदभाव , कम आत्मसम्मान और अवसाद से भी जूझ सकते हैं ।