एक सामान्य समझ है कि कानून और व्यवस्था जनता की भलाई के लिए बनाई जाती है और उम्मीद की जाती है कि जनता उनका पालन करेगी, और इनको तोड़ने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके उलट भारतीय न्याय संहिता में किये गये हालिया बदलाव जनता के विरोध में राज्य और पुलिस को ज्यादा अधिकार देते हैं, जिससे आभाष होता है कि सरकार की नजर में हर मसले पर दोषी और पुलिस और कानून पूरी तरह से सही हैं।

साथियों मोबाइल वाणी लेकर आ रहा है, घुमक्कड़ी का नया कार्यक्रम चलो चलें। जिसमें आप सुनेगें आपके शहर गांव कस्बों की एक नए रोचक अंदाज में घुमक्कड़ी।

जोहार साथियों , मोबाइल वाणी लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो एसआरएस सिस्टम से जुड़कर बैक ऑफिस असिस्टेंट ,टेलिकॉलर के पद पर कार्य करना चाहते है। नौकरी करने का कार्यस्थल जमशेदपुर,झारखण्ड होगा। न्यूनतम 10वीं पास वैसे फ्रेशर या अनुभवी व्यक्ति ,जिनके पास कंप्यूटर में कार्य करने का दक्षता प्राप्त हो ,वे इन पदों के लिए योग्य है। इन पदों के लिए आवेदनकर्ता का चयन साक्षात्कार के आधार पर होगा। चयनित व्यक्तियों को उनके कार्यदक्षता के आधार पर प्रतिमाह 12 हज़ार रूपए तक वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्हें हेल्थ इन्शुरन्स और प्रोविडेंट फण्ड की भी सुविधा दी जाएगी। इच्छुक व्यक्ति कंपनी के इस नंबर पर संपर्क कर इस पद से सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है। कंपनी का नंबर है : 9031958810 .तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।

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हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में ड्राइवर के द्वारा आहूत तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल समाप्त होने के साथ ही पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में कोयला ढुलाई और कोयला डिस्पैच कार्य सामान्य रुप से शुरू हो गया। हड़ताल समाप्त होने के कारण पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र के बचरा साइडिंग, आरसीएम साइडिंग से कोयला का डिस्पैच शुरू हो गया है। इसके साथ ही लोकल सेल के माध्यम से होने वाला कोयला का डिस्पैच कार्य भी शुरू हो गया है। ज्ञात हो कि इस हड़ताल के कारण पिपरवार क्षेत्र के सीएचपी परियोजना से बचरा साइडिंग तक होने वाली कोयले की ढुलाई का कार्य पूरी तरह से ठप था। अशोक परियोजना से आरसीएम साइडिंग तक की जाने वाली कोयल की धुलाई भी पूरी तरीके से प्रभावित रही थी। सीसीएल के आम्रपाली चंद्रगुप्त क्षेत्र से सीएचपी परियोजना तक की जाने वाली कोयले की ढुलाई का कार्य भी पूरी तरीके से बंद रहा था। पिपरवार क्षेत्र में लोकल सेल के माध्यम से की जाने वाली कोयले का डिस्पैच का कार्य भी बुरी तरह से बंद रहा था, सभी चालक अपने-अपने गाड़ियों को सड़क के किनारे जहां-तहां खड़ा कर हड़ताल का समर्थन करते नजर आ रहे थे। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार के द्वारा सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए हिट एंड रन का नया कानुन बनाया बनाया जा रहा है जिसको लेकर देशभर के ड्राइवर इस कानुन का विरोध करते हुए हड़ताल पर चले गए थे, जिसका सीधा असर पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में हाइवा डंपर से होने वाली कोयला की ढुलाई और लोकल सेल के माध्यम से की जाने वाली कोयला डिस्पैच पर पड़ रहा था। बाहर से कोयला लेने के लिए पिपरवार पहुंचे ट्रक पिपरवार क्षेत्र के अशोका परियोजना के कांटाघर के समीप दो दिनों से खड़े थे। ड्राइवर के हड़ताल से पिपरवार प्रबंधन को 20 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान ड्राइवर के द्वारा किए गए देशव्यापी हड़ताल का सीसीएल के पिपरवार प्रबंधन पर व्यापक असर रहा। इस हड़ताल के कारण पिपरवार प्रबंधन को करीब 20 करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस हड़ताल के कारण बचरा साइडिंग और आरसीएम साइडिंग से होने वाले कोयले का डिस्पैच पूरी तरह से बंद थे। कोयला लोड होने के इंतजार में रेलवे रैक साइडिंग में खड़े थे, जिसके कारण रेलवे द्धारा पेनाल्टी भी लगाया गया। कोयला डिस्पैच बंद होने से साइडिंग में दो दिनों तक सन्नाटा पसरा रहा।

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माता पिता के साथ साथ छेत्र ले लोगों का भी मान बढ़ाया , लोगों का घर पहुंच कर बढ़ाई देने का सिल सिला है जारी

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