उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती से जागीराम यादव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से जगन्नाथ मिश्रा से हुई। जगन्नाथ मिश्रा यह बताना चाहते है कि अगर बहु को जमीन दिया जाए और वह कहीं चली जाए घर से, तो जमीन भी चली जाएगी।

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उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से सावित्री देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को अपनी जमीन पर अधिकार कभी नहीं छोड़ना चाहिए। लेकिन आज भी कई पुरुष वर्ग महिला को जमीन पर अधिकार नहीं देना चाहते हैं। उन्हें यह समझना चाहिए की जितना अधिकार पुरुष का होता है, उतना ही अधिकार महिला का भी होता है। इसलिए महिला को उनका अधिकार दिलाने में उनकी मदद करनी चाहिए

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उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से जग्गी राम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया उपेंद्र से साक्षात्कार लिया। उपेंद्र ने बताया कि महिलाओं को पुरुषों के समान जमीन में अधिकार नहीं मिलना चाहिए। क्या पता कब वो दूसरे पुरुष के साथ चली जाए ?अगर जमीन में अधिकार दे दिया जाता है और वो दूसरे पुरुष के साथ चली जाएगी तो इस परिस्थिति में पहला पुरुष क्या करेगा?बातचीत सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें और सुनें पूरी बात ।

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से गीता यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राजकुमारी सिंह से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को पिता की संपत्ति में अधिकार नहीं मिलना चहिये, महिला को ससुराल में समान अधिकार मिलना चाहिए। मायके में अगर महिलाएं अधिकार लेंगी तो भाई बहनों के रिश्ते में खटास आ जाएगी

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से गीता यादव की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मंजू यादव से हुई। ये बताती है कि शिक्षा की कमी और लड़कियों को घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता है, इस कारण वो अपने अधिकारों को नहीं पहचान पाती है। जब समाज की सोच महिलाओं के प्रति अच्छी होगी तब ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार मिल पाएगा .

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला से गीता यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से बात कर रही है। ये कहती है कि महिला का कोई जगह नहीं होता ,न मायके का न ससुराल का। अधिकार के मामले में भी मायके में भी तवज़्ज़ो नहीं मिलता ,न ही ससुराल में। जबकि महिला की शादी के बाद ससुराल ही उनका घर बन जाता है,वो ससुराल को सँवारती है तब भी उनका ससुराल में सम्मान नहीं किया जाता है। पुरुष को सारा अधिकार मिलता है पर महिलाओं को कुछ नहीं। संपत्ति पर भी महिलाओं का अधिकार नहीं रहता है

उत्तर प्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से गीता यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राधा देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को जन्म लेते ही परिवार वाले पराया धन कह देते हैं। जब लड़की 18 साल की होती है, तो उसकी शादी कर देते हैं। ऐसे में वो मायके के अधिकार से वंचित कर दी जाती है। जब वही महिला ससुराल आती है, तो वहां कहा जाता है की ये पराये घर से आयी है। इसके साथ ही कई कारणों से उन्हें प्रताड़ना भी झेलना पड़ता है। साथ ही उन्हें ससुराल में भी कोई हिस्सा संपत्ति में नहीं दिया जाता है। इन सभी चीजों से सरकार वाकिफ होते हुए भी कोई ठोस कदम नहीं लेती है। जिसके कारण महिलाओं को कहीं कोई अधिकार नहीं मिलता है

उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला के लक्ष्मणपुर ग्रामसभा से रीना यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उनके गाँव में पानी टंकी नहीं है। किसी तरह पानी लाती है और उसे उबाल कर पीती है। क्षेत्र में पानी की सुविधा नहीं होने से बहुत दिक्कत होती है