उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती जिला से जगीराम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसान अपने अपने खेतो में कीटनाशक दवा तथा केमिकल का खाद्य,पतवारनाशक का इस्तेमाल करने से कीड़े मकोड़े तथा पक्षी भी इसका शिकार होते है,जो पर्यावरण के लिए घातक है।