उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला के साउ घाट प्रखंड से 44 वर्षीय विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरावस्था में युवाओं को ज़्यादातर भविष्य की चिंता होती है। क्योंकि भविष्य उसी पर निर्भर करता है

गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू उन्नत विधि से धान की खेती और बिचड़ा के हैंडलिंग की जानकारी दे रहें हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजयपाल चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी दे रहे हैं कि किशोरों को अपनी पहचान बनाने में मुश्किल आती है क्योंकि वो अपनी समझ नहीं पाते हैं। इसलिए उन्हे मुश्किल लगता है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 44 वर्ष विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किशोरावस्था की उम्र 12 से 18 साल की होती है।इस उम्र में शारीरिक और मानसिक बदलाव होता है

आज के समय में लोगो आख़िरकार इतने ज़्यादा अकेलेपन का शिकार क्यों हो जाते है ? वे कौन से वजह होते हैं कि लोग साथ साथ होते हुए भी अपनी मन की बात एक दूसरे तक नहीं पहुचा पते है ? अपने परिवार और अपनों को इस अकेलेपन से दूर रखने के लिए आप अपने स्तर पर क्या करना चाहेंगे ?

गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू जानकारी दे रहें हैं धान के बिचड़ा को कैसे तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि सारा बिचड़ा एक ही दिन में तैयार नहीं करना चाहिए, बिचड़ा को तैयार करने के लिए क्रमबद्ध तरीक़ा के साथ साथ मौसम का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए .

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मानसिक स्वास्थ्य एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। मोबाइल एक सबसे बड़ा कारण है मानसिक अस्वस्थ होने का।बच्चों देर तक मोबाइल में लीन रहते है।माता पिता अपने काम करने के लिए बच्चों को मोबाइल दे कर उन्हें व्यस्त कर देते है जो उनके मासिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। बच्चे मोबाइल से जुड़ चुके है ,जब तक उन्हें मोबाइल नहीं मिलेगा वे जिद में लगे रहते है। ऐसा होना चाहिए कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखे

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि तनाव मुक्त रहने वाले व्यक्ति को कह सकते है कि वो व्यक्ति मानसिक स्वस्थ है। कई कारण है जिससे मानसिक तनाव होता है ,लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते है ,जैसे पारिवारिक समस्या ,आर्थिक समस्या आदि।तनाव मुक्त रहे ,अधिक से अधिक काम करे , एक दूसरा से हिसाब भर मतलब रखे ऐसे में मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते है। लेकिन यह एक बहुत बड़ी चुनौती है

हमारे समझ में आज भी यौन शोषण के बारे में एक अनचाही चुप्पी साध ली जाती है और पीड़ित व्यक्ति को ही कहीं न कहीं हर बात के लिए जिम्मेदर बना देने की प्रथा चली आ रही है। पर ऐसा क्यों है? साथ ही इस तरह के सामाजिक दबावों के अतिरिक्त और क्या वजह होती है जिसके लिए आज भी कई सारे यौन शोषण के केस पुलिस रिपोर्ट में दर्ज नहीं होते हैं ? समाज में फैले यौन शोषण के मानसिकता के लिए कौन और कैसे जिम्मेदार है ? और समाज से इस मानसिकता को हटाने के लिए तुरंत किन - किन बातों पर अमल करना जरुरी है ?

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बस्ती से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रवि कुमार से हुई।रवि कुमार यह बताना चाहते हैं कि लोग किसी व्यक्ति को कोई भी काम जबरजस्ती कराते हैं जिसके कारण मानसिक रोग होता है