उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से आशीष दुबे मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते है कि क्या किशोरावस्था में नींद की समस्या हो सकती है ?
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से आशीष दुबे मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते है कि क्या किशोरावस्था में नींद की समस्या हो सकती है ?
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हाँ, किशोरावस्था में नींद के पैटर्न बदलना सामान्य है, क्योंकि इस समय शरीर की जैविक घड़ी में बदलाव होता है। इसके अलावा स्कूल का जल्दी समय, पढ़ाई, अतिरिक्त गतिविधियाँ, मोबाइल/टीवी का ज़्यादा इस्तेमाल और सामाजिक गतिविधियाँ भी नींद को प्रभावित करती हैं। इन सब कारणों से समय पर सोना, संतुलित नींद का समय बनाए रखना, सुबह समय पर उठना और 8–10 घंटे की पूरी नींद लेना मुश्किल हो जाता है। कम नींद लेना या बहुत ज़्यादा सोना मूड, खाने-पीने की आदतों और व्यवहार पर असर डाल सकता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि ध्यान रखा जाए कि आप कितनी नींद ले रहे हैं और उसे सही तरह से प्रबंधित करें। इसके लिए मददगार तरीके हैं—सोने से पहले मोबाइल-टीवी से दूर रहना, आरामदायक रात की दिनचर्या बनाना और रात में चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय से दूर रहना।
Sept. 22, 2025, 3:25 p.m. | Tags: information health mentalhealth