उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सरकार को भारत रत्न के अलावा उनका अधिकार भी देना चाहिए। आखिरकार , उनकी मांग भी बहुत कम है कि उन्हें अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिले । हर किसान चाहता है कि जिस तरह से वो मेहनत करते हैं,उसी प्रकार से उनको फसलों की सही कीमत मिले । इस मांग का आधार एम . एस . स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें भी हैं , जो उन्होंने लगभग चार दशक पहले की थीं । इन चार दशकों में स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करने का वादा कर के कई सरकारें आईं और गईं । मगर किसी ने इस मुद्दे को गंभीरता से नही लिया
