उत्तरप्रदेश राज्य के जिला प्रिंशु पांडेय , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि किसान भी अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं , इसके बारे में बताया गया है , लोगों ने यह कार्यक्रम सुना है , उन्हें यह बहुत पसंद आया है ,रिपोर्ट के अनुसार , दो हजार तेइस में किसान को एम . एस . पी . देने से सरकार पर इकतीस करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ है । चौदह करोड़ लाख करोड़ के बैंक ऋण माफ किए गए हैं और एक करोड़ आठ लाख कॉर्पोरेट कर ऐसे देश में माफ किया गया है जहां कुल बजट का केवल शून्य बिंदु चार प्रतिशत है । लागत भी उनकी नज़र पकड़ रही है