उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से तरुण प्रताप सिंह बता रहे हैं कि सभा सिंहपुर में तालाब और नरेगा के माध्यम से नाली की सफाई भी नहीं हुई है। लोगों को कोई काम नहीं हो रहा है, इस वजह से तालाब गंदा है जब मौके पर जाँच की, लेकिन अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से लल्लू सिंह बता रहे हैं कि नेबुई कला में तालाब और नरेगा के माध्यम से नाली की सफाई भी नहीं हुई है। लोगों को कोई काम नहीं हो रहा है, इस वजह से तालाब गंदा है जब मौके पर जाँच की, लेकिन अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से कमलेश कुमार सिंह बता रहे हैं कि नेबुई कला में तालाब और नरेगा के माध्यम से नाली की सफाई भी नहीं हुई है। लोगों को कोई काम नहीं हो रहा है, इस वजह से तालाब गंदा है जब मौके पर जाँच की, लेकिन अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से विशाल सिंह बता रहे हैं कि ग्राम सभा सिंहपुर में पानी की टंकी लगाने से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है और तालाब और नाली की सफाई भी नहीं हुई है। जिस पर अब तक कोई काम नहीं हो रहा है, इस वजह से तालाब गंदा है और कुछ लोगों के गल्ला और राशन कार्ड नहीं मिल रहे हैं। जब हमने मौके पर जाँच की, तो जनता से पूछा गया। तो अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से रुखसार बानो बता रही हैं कि नेबुई कला में उन्हें विधवा पेंशन नहीं मिल रही है और तालाब और नरेगा के माध्यम से नाली की सफाई भी नहीं हुई है। लोगों को कोई काम नहीं हो रहा है, इस वजह से तालाब गंदा है और कुछ लोगों के गल्ला और राशन कार्ड नहीं मिल रहे हैं। जब मौके पर जाँच की, लेकिन अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से हसीना बानो बता रही हैं कि नींबू कला में पानी की टंकी लगाने के बाद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है और तालाब और नरेगा के माध्यम से नाली की सफाई भी नहीं हुई है। लोगों को कोई काम नहीं हो रहा है, इस वजह से तालाब गंदा है और कुछ लोगों के गल्ला और राशन कार्ड नहीं मिल रहे हैं। जब मौके पर जाँच की, लेकिन अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं मिला ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कंदरा नेबुई कला की स्थानीय निवासी मुन्नी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे कंदरा नेबुई कला में पानी तथा मनरेगा से वंचित है
ऑक्सीजन के उत्पादन का काम पेड़ की पत्तियों से होता है। अधिक पत्ते होते हैं, वे पेड़ सबसे अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं और पर्यावरण को साफ रखने में सबसे प्रभावी होते हैं। उन पेड़ों में से एक पीपल का पेड़ है। पीपल के पेड़ बहुत फैले हुए और ऊँचे होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पीपल का पेड़ रात में भी कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है, पीपल का पेड़ अन्य पेड़ों की तुलना में अधिक ऑक्सीजन देता है और दिन में बाईस घंटे से अधिक समय तक ऑक्सीजन देता है। बाँस का पेड़ सबसे तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है। इसकी वृद्धि दर बहुत तेज है। बाँस के पेड़ का उपयोग हवा को तरोताजा करने के लिए भी किया जाता है और कहा जाता है कि बाँस का पेड़ अन्य पेड़ों की तुलना में तीस प्रतिशत अधिक ऑक्सीजन छोड़ता है। फिर नीम और बरगद की तुलसी होती है जैसे पीपल के पेड़, नीम के बरगद और तुलसी के पेड़ में भी ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है। नीम बरगद तुलसी का पेड़ एक ही दिन में बीस घंटे से अधिक समय तक ऑक्सीजन का उत्पादन करता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता रामबाबू से बात किया उन्होंने बताया की उनके क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं हो रहा है।
नरेगा का भी काम नहीं हो रहा है
