उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से राम बहादुर से बातचीत की। बातचीत में राम बहादुर का कहना है की यदि कोई लड़का है तो लड़कियों को मायके में सम्पत्ति नहीं मिलेगा। लड़की और लड़का में बहुत अंतर् होता है महिलाओं का अधिकार मायके में तब तक रहता है जब तक शादी ना हो यदि लड़की के माता-पिता भाई ना होने पर लड़कियों का पूरा अधिकार भूमि हो सकता है नहीं तो इसके पश्चात उनका पूरा अधिकार ससुराल शादी हो जाने के बाद ससुराल में पूरा अधिकार
उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लाक हुजूरपुर थाना हुजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच मौज सिंहपुर गांव घिसौना से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से जितेंद्र सिंह प्रधान पिता का नाम उमेश्वर सिंह से बातचीत की। बातचीत में जितेंद्र सिंह का कहना है की महिलाओं को मायके में पूरा अधिकार मिलना चाहिए। यहां के कानून के कारण उन्हें अधिकार नहीं मिल पाता है।
नाम मुकेश पिता का नाम श्री कृष्ण कुमार ब्लॉक पयागपुर थाना पयागपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच मौज बनिया गांव मोबाइल नंबर9838974550 मुकेश का कहना है कि महिलाओं का मायके में भूमि में हिस्सा नहीं लग सकता क्योंकि अगर पिता या माता है और भाई हैं और ना रहने के कोई न रहने के बाद में उनका अधिकार पूरा हो सकता है नहीं तो ससुराल में वह उनके तथा हर चीज में उनका अधिकार मिल सकता है
उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर मौज सिंहपुर जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से सीता सिंह पिता कमलेश सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि मायके में यदि भाई नहीं हो तो लड़कियों को जमीन में हिस्सा मिल सकता है या दिर उनसे शादी करने वाले के नाम पर हो सकता है। लेकिन जिस घर में भाई हैं वहां हिस्सा लेना गलत है। क्यूंकि लड़कियों की शादी पैसे लगाकर कर दी जाती है। उनका कहना है कि हमारे समाज में इतनी शिक्षित महिलाएं घर के अंदर बैठी हैं उन्हें बाहर निकलना चाहिए कुछ काम करना चाहिए। शादी कर के महिला अपने घर चली जाती हैं उनका मायके में कोई हिस्सा नहीं रहता वहां भाई ना रहे तो चाचा या कोई रहता है ऐसे में लड़कियों को हिस्सा मिलना गलत होगा
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने एक श्रोता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में सूखा पड़ा है, कम से कम डेढ़ महीने से पानी नहीं मिला है। बारिश कम होने के वजह से फसल में नुकसान हो रहा है। खेत खरपतवारों से भरा हुआ है फसलों की पैदावार कम हो गयी है
उत्तरप्रदेश राज्य के शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम सेनागेंद्र पांडे से बातचीत की। बातचीत में नागेंद्र पांडे का कहना है की महिलाओं को आज भी उच्च पदों पर पहुंचने के लिए बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता हैं. अभी के क्राइम समाज में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें अकेले निकलने से पहले सोचना पड़ता है। उनका कहना है कि महिला जहां पर काम करती हैं वहां पर उनके साथ भेदभाव किया जाता है। उन्हें कम सैलेरी और ज्यादा काम करवाया जाता है। समाज में ऐसे कानून बनाये जाने चाहिए जिससे प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को भी समान वेतन दी जाए
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी मोबाइल वाणी के माध्यम से सुधा से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि बाढ़ आने से बच्चों की पढ़ाई लिखाई में रूकावट आ जाती है और फसल भी खराब हो जाती है।उन्होंने बताया उन्हें बाढ़ से सम्बंधित कोई योजना का लाभ नहीं मिल रहा
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आनंद चंद्र पाठक से साक्षात्कार लिया।आनंद चंद्र पाठक ने बताया कि शादी से पहले बेटियों को पिता की संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए।शादी के बाद उन्हें मायके में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ग्राम प्रधान से साक्षात्कार लिया।ग्राम प्रधान ने बताया कि बेटा न होने पर ही बेटियों को चल एवं अचल सम्पत्ति का अधिकार बेटी को दिया जाता है। पिता बेटा - बेटी को पढ़ाने - लिखाने और शिक्षित करने में बराबर का भाव रखेगा , मगर बेटी को भूमि अधिकार नहीं दे सकता है।क्योंकि उसे डर बना रहेगा कहीं बहू और बेटी में लड़ाई न हो जाए। लड़की को शिक्षित और जागरूक करना चाहिए। ताकि वो अपने पैरों पर खड़ी हो सके।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक हजूरपुर ,मौज सिंहपुर , गांव सिंहपुर से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आशीष सिंह से साक्षात्कार लिया। आशीष सिंह ने बताया कि शादी के बाद लड़की का अधिकार उसके ससुराल पर होता है। अगर उसके माता पिता के पुत्र संतान नहीं है तभी उनका हिस्सा उनके पैतृक संपत्ति पर होता है। माँ बाप अपने बेटी की शादी में बहुत सारा पैसा खर्च कर के उससे ससुराल भेजते है, तो उनका हिस्सा ससुराल में हो जाता है। जब तक लड़की की शादी नहीं होती है तब तक उनकी परवरिश उनके माता पिता बेटे की तरह ही करते है। लड़कियों का शिक्षित होना और उनका जागरूक होना बहुत ही जरुरी है
